छत्तीसगढ़

Shala Praveshotsav Controversy : शाला प्रवेशोत्सव के आमंत्रण पत्र से विधायक का नाम गायब, मचा सियासी घमासान

रिपोर्टर : साहिल राज लहरे

जांजगीर चांपा जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बम्हनीडीह द्वारा जारी (Shala Praveshotsav Controversy) शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 के आमंत्रण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के लिए जारी आमंत्रण पत्र में कई जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल किए गए हैं, लेकिन जैजैपुर विधायक Baleshwar Sahu का नाम सूची में नहीं होने से क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, वहां के निर्वाचित विधायक का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।

जनप्रतिनिधियों को मिला स्थान, विधायक का नाम नहीं

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में जिले और क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि, अध्यक्षता और विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थान दिया गया है। हालांकि जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक बालेश्वर साहू का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया।

इसको लेकर क्षेत्र के नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाते हुए कहा है कि विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि की अनदेखी समझ से परे है। लोगों का कहना है कि जब अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, तो विधायक को सूची से बाहर रखने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।

राजनीतिक भेदभाव के आरोप

आमंत्रण पत्र सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि कार्यक्रम में शामिल अधिकांश जनप्रतिनिधि सत्तारूढ़ दल से जुड़े हैं, जबकि विधायक बालेश्वर साहू कांग्रेस के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं।

इसी आधार पर शिक्षा विभाग पर राजनीतिक सोच से कार्य करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिक्षा विभाग जैसी संस्था को राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर निष्पक्ष रूप से कार्य करना चाहिए और सरकारी कार्यक्रमों में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समान महत्व दिया जाना चाहिए।

क्षेत्रवासियों में नाराजगी

मामले को लेकर क्षेत्र के नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि विधायक पूरे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उनकी उपेक्षा जनता की भावनाओं को आहत करने वाली है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि उस क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधित्व से जुड़ा विषय है। इसलिए शिक्षा विभाग को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सरकारी कार्यक्रमों को राजनीति से दूर रखने की मांग

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि शाला प्रवेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को विद्यालयों से जोड़ना और शिक्षा को बढ़ावा देना है।

लोगों ने भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान और अवसर देने की मांग करते हुए कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक भेदभाव की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

क्या कहा शिक्षा विभाग ने

मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत ने कहा कि आमंत्रण पत्र पूर्व में प्रचलित सूची के आधार पर जारी किया गया है।

“पुरानी सूची के अनुसार ही आमंत्रण कार्ड जारी किया गया है। कहीं कोई पक्षपात नहीं किया गया है।”
रत्ना थवाईत, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बम्हनीडीह

विधायक बोले-बहुत गलत हुआ

विधायक को सूची से दरकिनार करना बहुत गलत है, प्रोटोकॉल का ख्याल किसी भी अधिकारी को नहीं है

बालेश्वर साहू
जैजैपुर विधायक

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