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Prateek Yadav NHRC Complaint : प्रतीक यादव की मौत पर आखिर क्यों गहराया रहस्य, अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला

लखनऊ में प्रतीक यादव की मौत को लेकर उठे सवाल अब और गहरे होते दिखाई (Prateek Yadav NHRC Complaint) दे रहे हैं। शुरुआती तौर पर इसे सामान्य मौत बताया गया था, लेकिन अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक लगातार चर्चा हो रही है और कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। एक संस्था की ओर से शिकायत दर्ज कराते हुए मौत को संदिग्ध बताया गया है। शिकायत के बाद अब पूरे घटनाक्रम को लेकर नई बहस शुरू हो गई है और जांच को लेकर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत : Prateek Yadav NHRC Complaint

मानवाधिकार से जुड़े संगठन डीके फाउंडेशन ने आयोग में शिकायत देकर मामले को हत्या की आशंका से जुड़ा बताया है। शिकायत में कहा गया है कि कई परिस्थितियां गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

मौत की वजह पर उठे सवाल

शिकायत में कहा गया है कि शुरुआती तौर पर मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया गया, लेकिन शरीर पर मौजूद चोट के निशान और घटना की परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं। बताया गया कि Prateek Yadav स्वस्थ जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में अचानक हुई मौत को लेकर सवाल बढ़ गए हैं।

स्वतंत्र जांच की मांग

मामले में विशेष जांच दल गठित करने की मांग की गई है। साथ ही लखनऊ के सिविल अस्पताल और संबंधित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की अपील (Prateek Yadav NHRC Complaint) भी की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फॉरेंसिक जांच को लेकर भी मांग

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि फॉरेंसिक जांच राज्य स्तर से अलग केंद्रीय प्रयोगशाला के जरिए कराई जाए। उनका कहना है कि जांच को किसी भी तरह के प्रभाव से दूर रखा जाना जरूरी है।

गुरुवार को हुआ अंतिम संस्कार

प्रतीक यादव का गुरुवार को लखनऊ के बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल (Prateek Yadav NHRC Complaint) ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अब पूरे मामले को लेकर लोगों की नजर आगे होने वाली जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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