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Pannun Murder Plot Case : पन्नू हत्याकांड साजिश मामला, अमेरिकी अदालत में भारतीय नागरिक ने जुर्म कबूला, 24 साल तक की सजा संभव

अमेरिका में प्रतिबंधित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने (Pannun Murder Plot Case) आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी संघीय अदालत में अपने खिलाफ लगाए गए गंभीर आपराधिक आरोपों को स्वीकार कर लिया है। दोष स्वीकार करने के बाद अब सजा तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें उन्हें 20 से 24 वर्ष तक की संयुक्त सजा हो सकती है।

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54 वर्षीय निखिल गुप्ता ने मैनहटन स्थित संघीय अदालत में मजिस्ट्रेट जज के समक्ष हत्या के लिए सुपारी देने की कोशिश, हत्या की साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश – इन तीनों आरोपों में दोष स्वीकार किया। मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को निर्धारित की गई है, जहां सजा के बिंदुओं पर विस्तृत बहस होगी।

प्रत्यर्पण के बाद बदला रुख

निखिल गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया था। प्रत्यर्पण के बाद उन्होंने प्रारंभ में खुद को निर्दोष बताया था और सभी आरोपों से इनकार (Pannun Murder Plot Case) किया था। हालांकि, करीब एक वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद अब उन्होंने अदालत में अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके वकीलों की ओर से इस स्वीकारोक्ति पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अभियोजन पक्ष के आरोप क्या हैं

अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने एक कथित भारतीय सरकारी अधिकारी के साथ मिलकर अमेरिका में रह रहे पन्नू की हत्या की योजना बनाई थी। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, इस साजिश को अंजाम देने के लिए बिचौलियों और एक अंडरकवर अधिकारी की मदद ली गई। आरोप है कि न्यूयॉर्क में 15,000 डॉलर का अग्रिम भुगतान किया गया, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप का आधार बनाया गया है।

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पन्नू को लेकर अंतरराष्ट्रीय संदर्भ

गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया है। उसके पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है और वह लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों और बयानों को लेकर विवादों (Pannun Murder Plot Case) में रहा है। यह मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत–अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी संवेदनशील माना जा रहा है।

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