Pakistan Economic Crisis : पाकिस्तान आर्थिक बदहाली के दौर में -

Pakistan Economic Crisis : पाकिस्तान आर्थिक बदहाली के दौर में

Pakistan Economic Crisis: Pakistan in times of economic crisis

Pakistan Economic Crisis

Pakistan Economic Crisis : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि एक परमाणु ताकत संपन्न देश के लिए यह काफी शर्म की बात है कि उसे आर्थिक मदद के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। शरीफ की मानें तो उनके लिए यह बात काफी शर्मनाक है कि उन्हें दोस्तों से और कर्ज मांगना पड़ रहा है। साथ ही यह बात भी जोर देकर कही कि आर्थिक संकट से जूझते देश के लिए कर्ज कोई स्थायी समाधान नहीं है। इन सबके बीच ही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ की तरफ से फनी क्लिप शेयर की जा रही है।

यह क्लिप भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से जुड़ी है और इस (Pakistan Economic Crisis) मुल्क के हालातों को बयां करती है। जो क्लिप इमरान की पार्टी की तरफ से शेयर की जा रही है उसमें पीएम मोदी को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘हमने पाकिस्तान की सारी हेकड़ी निकाल दी। उसे कटोरा लेकर दुनियाभर में घूमने को मजबूर कर दिया है। मजेदार बात यह है कि इमरान इस क्लिप के बहाने शहबाज और उनकी सरकार को आईना दिखाने की कोशिशें कर रहे थे। जबकि साल 2019 में इमरान खुद सत्ता में थे और पीएम मोदी एक चुनावी रैली में पाकिस्तान की असलियत बता रहे थे। साल 2019 भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों का शायद सबसे तनावपूर्ण साल था।

फरवरी 2019 में पुलवामा में आतंकी हमला हुआ जिसमें सीआरपीएफ के 45 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले 12 दिन बाद यानी 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को निशाना बनाया गया था। इसके बाद उसी साल जब भारत ने जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म किया तो तनाव और बढ़ गया। पाकिस्तान को इस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (ढ्ढरूस्न) से मिलने वाली मदद का बेसब्री से इंतजार है। पीएम शरीफ ने आर्थिक संकट के बीच ही लाहौर में एक बड़ा बयान दिया। यहां पर पाकिस्तान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के एक कार्यक्रम में शरीफ ने कर्ज मांगने पर हो रही शर्म का इजहार किया।

शरीफ ने कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि आजादी के 75 साल बाद कई सरकारें आईं लेकिन देश की स्थिति नहीं बदली। राजनीति नेतृत्व या सैन्य तानाशाही आर्थिक चुनौतियों से पार नहीं पा सकी। शहबाज के मुताबिक विदेशी कर्ज कोई स्थिर सामाधान नहीं है क्योंकि इन्हें वापस भी करना पड़ता है। पाकिस्तान इस समय सबसे बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है। महंगाई 21 से 23 फीसदी के बीच है तो राजकोषीय घाटा 115 फीसदी से ज्यादा हो गया है।

देश को 350 अरब रुपए की मदद सऊदी अरब और यूएई से ही हासिल हो रही है। पाकिस्तान इन दिनों आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है. हालत यह है कि वहां लोगों को खाने का आटा नहीं मिल पा रहा है. इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ का एक बयान सामने आया है जिसमें पड़ोसी देश के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan Economic Crisis) अपना सबक सीख चुका है और अब वह शांति से रहना चाहता है. शाहबाज शरीफ ने कहा भारतीय नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करता हूं कि हमें बातचीत की मेज पर बैठकर हर मुद्दे को हल करने की कोशिश करनी चाहिए।

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