छत्तीसगढ़

Employee-Officer Strike : कलमबंद-कामबंद हड़ताल, कार्यालयों में पसरा सन्नाटा

रायपुर/नवप्रदेश। Employee-Officer Strike : सरकार द्वारा डीए और एचआरए जैसे अपने मौलिक अधिकार का हनन किये जाने के विरोध में प्रदेश के जुझारू कर्मचारी-अधिकारी 25 जुलाई से 29 जुलाई तक कलम बंद काम बंद हड़ताल में रहेंगे। फेडरेशन के सचिव राजेश चटर्जी, दुर्ग जिला संयोजक विजय लहरे एवं प्रवक्ता अनुरूप साहू ने बताया कि 1 जुलाई 2019 से 1 जुलाई 2022 तक स्वीकृत होने वाले महँगाई भत्ता को केन्द्र सरकार के समान देय तिथि से राज्य सरकार के द्वारा प्रभावशील नहीं किया गया है।

जिसके कारण कर्मचारियों एवं अधिकारियों को जबरदस्त आर्थिक चपत लगी है। उन्होंने बताया कि केंद्र शासन ने 1 जनवरी 2019 के 12 % महँगाई भत्ता में 5 % वृध्दि कर 1 जुलाई 2019 से 17 % घोषित किया था। लेकिन राज्य शासन ने 1 जुलाई 2021 से महँगाई भत्ता में 5 % वृध्दि किया था। जिसके कारण 1 जुलाई 2019 से 30 जून 2021 तक प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियों के मासिक वेतन में 5 % का कटौती हुआ था। 

उन्होंने आगे बताया कि केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 20 का 4 %,1 जुलाई 20 का 3 % तथा 1 जनवरी 21 का 3 % कुल 11 % डी ए में वृद्धि अथार्त 17% से 28 % को 1 जुलाई 21 से प्रभावशील किया था। लेकिन राज्य सरकार ने 1 जुलाई 21 से 30 अप्रैल 22 तक वेतन में 17 % कटौती कर डी ए में 5 % का वृध्दि 1 मई 22 से किया है।उन्होंने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 34 % डी.ए मिल रहा है जबकि राज्य में डी.ए. 22 % है।जोकि 1 मई 22 से प्रभावशील किया गया है। जिसके कारण राज्य के कर्मचारी-अधिकारी के मासिक वेतन में 12 % का कटौती हो रहा है। 

उन्होंने बताया कि गृहभाड़ा भत्ता स्वीकृति के मामले में राज्य सरकार कर्मचारी-अधिकारियों का आर्थिक शोषण कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 1/1/2016 से सातवाँ वेतनमान लागू हो गया था। लेकिन कर्मचारी-अधिकारियों को आज पर्यन्त छटवे वेतनमान के मूलवेतन पर 10 % एवं 7% के दर से एच आर ए दिया जा रहा है। जबकि केन्द्र में 18 % और 9% है।

कलम बंद काम बंद हड़ताल (Employee-Officer Strike) के प्रथम दिन जिला के कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालयीन कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ। दुर्ग जिला के नगर निगम तथा नगर पालिका परिषद के कर्मचारी हड़ताल में रहने से दैनिक कार्य प्रभावित हुआ। आज मुख्य रूप से संजय शर्मा, शरद दुबे, शशि भूषण मोहंती, कुबेर देशमुख, दुर्गेश गुप्ता, आरिफ मोहम्मद, आलोक नारंग, हरि शर्मा, मोती खिलाडी, प्रतिभा श्रीवास्तव, राजेन्द्र राजपूत, गिरधर वर्मा, वीके राव, मोनिका सुकतेल, धर्मेन्द्र देशमुख, जी एस रावना सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

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