MP Politics : महापौर टिकट पर मध्यप्रदेश में रार बरकरार????...संगठन, सरकार की उम्मीद दिल्ली दरबार पर!!!!...शिवराज,बीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य, नरेन्द्र सिंह तोमर के बीच समन्वय की दरकार???

MP Politics : महापौर टिकट पर मध्यप्रदेश में रार बरकरार????…संगठन, सरकार की उम्मीद दिल्ली दरबार पर!!!!…शिवराज,बीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य, नरेन्द्र सिंह तोमर के बीच समन्वय की दरकार???

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भोपाल,डॉ. शिशिर उपाध्याय/ नवप्रदेश। ग्वालियर नगर निगम महापौर के टिकट को लेकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रहा तनाव अब प्रतिष्ठा का प्रश्न (MP Politics) बन गया है।

दोनों दिग्गजों के बीच आम सहमति की तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान (MP Politics) ने इस केस को दिल्ली रेफर कर दिया है। राजनीति में रखने वाले मध्य प्रदेश के सभी नागरिकों को दिल्ली से आने वाली ब्रेकिंग न्यूज़ का इंतजार (MP Politics) है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने माहौल गर्म कर दिया

प्रत्याशियों के चयन के लिए जब कोर कमेटी की बैठक चल रही थी तब ज्योतिरादित्य सिंधिया मुंबई में थे और वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मीटिंग से कनेक्ट थे। अचानक उन्होंने पूरे मामले को हाई वोल्टेज बना दिया। मीटिंग के बीच में ही फ्लाइट लेकर मुंबई से भोपाल आ गए।

कोर कमेटी की बैठक खत्म होने से पहले महाराज की इमरजेंसी लैंडिंग ने सबका ध्यान खींच लिया। केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर मीटिंग छोड़ कर चले गए। जो बात बंद कमरे में हो सकती थी, अब चौराहे पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।

भाजपा बड़े शहरों में अभी तक महापौर के टिकट तय नहीं कर सकी है। पार्टी को भोपाल और इंदौर में कोई एक चेहरा नहीं मिल रहा है। इंदौर के विधायक रमेश मेंदोला रविवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिले और कहा कि मैं महापौर का चुनाव नहीं लड़ना चाहता हूं।

भोपाल में कृष्णा गौर भी संगठन के सामने चुनाव लड़ने से इंकार कर चुकी है। उधर ग्वालियर, जबलपुर और सागर में बड़े नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

सोमवार को 10 से 11 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी हो सकती है। भाजपा में कोर ग्रुप महापौर प्रत्याशी तय करने दो दिन में सात बार बैठ चुका है। रविवार सुबह 10 बजे से बैठकें प्रदेश भाजपा कार्यालय में शुरू हुई। यहां सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया बैठे।

टिकट के क्राइटेरिया और नामों को लेकर चर्चा हुई। दोपहर में मुख्यमंत्री निवास पर तीन घंटे बैठक हुई। शाम को वापस प्रदेश कार्यालय में नेता बैठे। इधर, सीएम शिवराज सिंह चौहान सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं। वे केंद्रीय मंत्री अमित शाह और गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलेंगे।

खींचतान… भोपाल में चेहरा नहीं, सागर में जैन और ब्राह्मण के बीच चयन

भोपाल: मालती राय के लिए विधायक साथ हैं। पार्षद का दो बार चुनाव हारने से संगठन राजी नहीं है। उपमा राय और गुंजन चौकसे के नाम पर इंकार कर दिया गया है। भारती कुम्हारे का नाम भी चर्चा में आया। कृष्णा गौर इनकार कर चुकी हैं।

ग्वालियर: नरेंद्र सिंह तोमर ने माया सिंह और सुमन शर्मा का नाम बढ़ाया है। सुमन के लिए संगठन राजी है। सिंधिया ने समीक्षा गुप्ता व अन्य नाम सुझाया है। तोमर और सिंधिया में सहमति न होने से तय नहीं हो पाया। नाराज तोमर बैठक में नहीं पहुंचे।

इंदौर: विधायक रमेश मेंदोला लड़ने के इच्छुक नहीं है। सीएम की पसंद बतौर डॉ. निशांत खरे का नाम है। संघ की पसंद भी हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पुष्यमित्र भार्गव का नाम दिया है। गौरव रणदिवे और गोलू शुक्ला के नामों पर भी चर्चा हुई है।

जबलपुर: सांसद राकेश सिंह ने कमलेश अग्रवाल का नाम सुझाया है। युवा के रूप में अभिलाष पांडे का नाम आगे है, जबकि डॉ. जीतेंद्र जामदार सीएम की पसंद हैं।

सागर: कांग्रेस की निधि जैन के सामने जैन चेहरे की मांग है। मंत्रियों का जोर ब्राह्मण चेहरे पर है। संगठन ने प्रतिभा तिवारी और संगीता तिवारी के नाम पर विचार किया है।
एमपी में नगर निगम चुनाव में महापौर के प्रत्याशी घोषित करने को लेकर बीजेपी में घमासान मचा हुआ है। रतलाम को छोड़कर सभी नगर निगम में कांग्रेस के केंडिडेट घोषित होने के बाद बीजेपी के सामने मजबूत प्रत्याशी तय करने की चुनौती बन गई है।

भोपाल में कांग्रेस उम्मीदवार विभा पटेल और इंदौर में विधायक संजय शुक्ला के सामने जिताऊ उम्मीदवार तय करने में भाजपा में मंथन का दौर चल रहा है। कांग्रेस के दोनों उम्मीदवारों के सामने भाजपा की तरफ से भी विधायकों को उतारने की तैयारी चल रही थी लेकिन सूत्र बताते हैं कि विधायक कृष्णा गौर और रमेश मेंदोला ने मेयर का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। ऐसे में दूसरे नामों की चर्चा तेज हो गई है।

पीसी बोले: कृष्णा गौर को चुनाव लड़ाने की जा रही साजिश

कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी नेताओं पर कृष्णा गौर के खिलाफ साजिश करने का बड़ा आरोप लगाया है। पीसी शर्मा का कहना है कि कृष्णा गौर को चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है ताकि कृष्णा गौर की गोविन्दपुरा विधानसभा सीट खाली कराकर बडे़ नेता को चुनाव लड़ाया जा सके।

भोपाल में विभा के सामने उपमा को उतारने की तैयारी

राजधानी भोपाल में नगर निगम के चुनाव में कृष्णा गौर के इनकार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी विभा पटेल के सामने उतारने के लिए महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष उपमा राय और मालती राय के नामों पर चर्चा चल रही है।

कृष्णा नहीं चाहतीं परंपरागत सीट छाेड़ना

सूत्र बताते हैं कि भाजपा संगठन का एक धड़ा कृष्णा गौर को महापौर का चुनाव लड़वाने की पैरवी कर रहा है। ताकि कृष्णा के मेयर बनने के बाद गोविन्दपुरा सीट खाली हो जाए।

भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी भोपाल से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सेफ सीट खोज रहे हैं। यही वजह है कि कृष्णा गौर ने अपनी परंपरागत विधानसभा को छोड़ने से इनकार कर दिया है। हफ्ते भर पहले संघ की एक बैठक में भी कृष्णा गौर महापौर का चुनाव लड़ने से मना कर चुकीं हैं। गौर समर्थक कहते हैं कि अगली बार कृष्णा दीदी मप्र सरकार में मंत्री बनेंगी।

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अमित शाह से मिले शिवराज : कहा-कांग्रेस की प्रैक्टिस, गड़बड़ करो फिर जांच एजेंसियों पर दबाव बनाओ

सीएम शिवराज सिंह ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में हम नई सहकारिता नीति बना रहे हैं।

नीति आयोग और विषय विशेषज्ञों के साथ हमने व्यापक पैमाने पर विचार विमर्श किया है। कैसे सहकारिता के माध्यम से लोगों की आय बढ़े, उनको सगंठित करें। नए क्षेत्रों में सहकारिता के माध्यम से हम जाएं।

इसके लिए हमने बहुत एग्रेसिव पॉलिसी बनाई है। इस पॉलिसी का ड्राफ्ट गृह एंव सहकारिता मंत्री शाह को भेंट किया है। इस पर चर्चा करके बाद सीएम शिवराज ने गृहमंत्री शाह को भोपाल में सहकारिता सम्मेलन में आने का न्यौता भी दिया। इसी में नई सहकारिता नीति जारी करेंगे।

नक्सलवाद के मुद्दे पर भी हुई बात

इसके अलावा मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियों के संबंध में चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मप्र के तीन जिले बालाघाट, मंडला और डिंडौरी, ये तीनों नक्सल प्रभावित जिले हैं।

नक्सलवाद को मप्र में सख्ती के साथ रोका है। लेकिन छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में दबाव बनता है तो मध्यप्रदेश में आने का प्रयास करते हैं। पिछले दिनों मुठभेड़ हुई हैं और नक्सल मारे भी गए हैं।

सीएम शिवराज ने इस स्थिति की जानकारी गृहमंत्री शाह को दी है और उनसे कान्हा क्षेत्र में बालाघाट में सीआरपीएफ की और बटालियन लगाने की जरूरत है। इसके लिए अनुरोध किया कि सीआरपीएफ की बटालियन और लगाई जाए। नक्सल थाने और चौकियों की मजबूती के लिए भी सहायता मांगी है।

नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी पर साधा निशाना

नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को लेकर सीएम शिवराज ने कहा कि उन्होंने, कुछ गड़बड़ नहीं किया तो, राहुल गांधी और कांग्रेस को डर किस बात का है। ईडी को सच बताएं। अब ये जो प्रैक्टिस करते हैं, कर्मकांड करते हैं गड़बड़ करो और फिर जांच एजेंसियों पर दवाब बनाओ।

जनता इसको ढंग से समझ चुकी है। सच यह है कि आपने गड़बड़ की, भ्रष्टाचार किया है और भ्रष्टाचार की जब जांच हो रही है तो, आप दवाब बनाने की कोशिश कर रहे हो। दवाब बनाने से काम नहीं चलेगा। सच बताओ और अगर कुछ नहीं किया है तो, डर क्यों रहे हो।

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