Modi Cabinet Reshuffle : मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड के बाद बढ़ीं चर्चाएं, क्या मोदी सरकार में होने वाला है बड़ा फेरबदल

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में 21 मई को हुई केंद्रीय मंत्रिपरिषद की लंबी बैठक के बाद केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने से पहले मंत्रियों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई है और इसी आधार पर आगे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में आयोजित यह बैठक सामान्य बैठकों के मुकाबले काफी लंबी चली। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में कई मंत्रालयों के कामकाज योजनाओं और सुधारों की समीक्षा की गई।
मंत्रालयों के कामकाज का हुआ प्रस्तुतीकरण
बैठक में कृषि ऊर्जा सड़क परिवहन श्रम एवं रोजगार पर्यावरण उद्योग विदेश और कॉरपोरेट मामलों समेत कई मंत्रालयों ने पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रधानमंत्री के सामने रखा।
सूत्रों के मुताबिक सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने और कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल करने पर केंद्रित रही। बैठक में नियमों के अनावश्यक बोझ को कम करने फैसलों की गति बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर जोर दिया गया।
अच्छे और कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रालयों पर चर्चा
जानकारी के अनुसार बैठक में बेहतर काम करने वाले मंत्रालयों और अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रालयों पर भी चर्चा हुई। कुछ मंत्रालयों के कामकाज की सराहना की गई जबकि कुछ विभागों में सुधार की धीमी रफ्तार पर नाराजगी भी जताई गई।
सूत्र बताते हैं कि श्रम कृषि रेलवे वित्त और ऊर्जा मंत्रालयों के कामकाज को बेहतर माना गया। वहीं कुछ मंत्रालयों को अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाने के संकेत दिए गए हैं।
फरवरी से शुरू हुई थी पूरी कवायद
दरअसल इस समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत फरवरी में ही हो गई थी। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से 2024 के बाद किए गए सुधारों और योजनाओं की रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।
हर मंत्रालय को विधायी नीतिगत प्रशासनिक और नियमों से जुड़े सुधारों का पूरा विवरण देना था। साथ ही यह भी बताना था कि इन फैसलों से आम लोगों को कितना फायदा हुआ और कामकाज में कितनी तेजी आई। इसके बाद मंत्रालयों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जिसे अब प्रधानमंत्री स्तर पर परखा जा रहा है।
एक एक मंत्री से अलग बैठक की भी चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री अलग अलग मंत्रियों से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर उनके कामकाज की समीक्षा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक हर मंत्री को अपने विभाग की उपलब्धियों और चुनौतियों को विस्तार से रखने का अवसर दिया जाएगा। इसी आधार पर मंत्रियों के प्रदर्शन का अंतिम आकलन किया जा सकता है।
2021 जैसा दोहराया जा सकता है फैसला
राजनीतिक जानकार इस पूरी प्रक्रिया को 2021 में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल से जोड़कर देख रहे हैं। उस समय भी मंत्रियों से रिपोर्ट मांगी गई थी और बाद में कई बड़े बदलाव किए गए थे।
अब जब मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे करने जा रही है ऐसे में फिर से मंत्रिमंडल में जिम्मेदारियों के बदलाव और नए चेहरों की एंट्री की अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी फेरबदल को लेकर आधिकारिक संकेत नहीं दिए गए हैं लेकिन लगातार हो रही समीक्षा बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।



