Jashpur Theft Case : जिला परिवहन अधिकारी के घर चोरी का खुलासा, भतीजी और प्रेमी गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति ने बढ़ाई मुश्किलें

Jashpur Theft Case

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जशपुरनगर में जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज के पैतृक आवास में हुई चोरी की गुत्थी को पुलिस (Jashpur Theft Case) ने सुलझा लिया है, लेकिन यह मामला अब नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस चोरी की मुख्य आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनकी सगी भतीजी मिनल निकुंज और उसका प्रेमी अनिल प्रधान हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में चोरी की रकम 35 लाख रुपये बताई गई थी, वहीं पूछताछ में भतीजी ने करोड़ों रुपये मूल्य के सोने और नकदी की चोरी स्वीकार की है। इसके बाद अब खुद जिला परिवहन अधिकारी की घोषित आय और संपत्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छह दिसंबर को विजय निकुंज की पत्नी सुषमा निकुंज ने नारायणपुर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उल्लेख था कि केराडीह के रैनीडांड स्थित पैतृक आवास में अज्ञात चोरों ने अटैची तोड़कर 15 लाख रुपये नकद और लगभग 35 लाख रुपये के आभूषण चोरी कर लिए हैं। उस समय संदेह भतीजी मिनल निकुंज पर जताया गया था, क्योंकि वह कुछ दिन पहले पुराने घर की सफाई करने आई थी।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संदेही मिनल निकुंज अपने प्रेमी अनिल प्रधान के साथ झारखंड के रांची में एक होटल में रुकी हुई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें सनसनीखेज खुलासे हुए। मिनल ने बताया कि वह 2024 से जशपुर शहर में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रही थी, इसी दौरान उसकी पहचान अनिल प्रधान से हुई और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।

अप्रैल 2025 में दादी के कहने पर घर की सफाई के दौरान उसे नोटों से भरी एक पुरानी अटैची मिली थी। शुरुआत में उसने दो लाख रुपये निकालकर आईफोन खरीदा और पैसे खर्च कर दिए। बाद में पैसों की जरूरत बढ़ी तो उसने दोबारा चोरी की।

पकड़े न जाने पर उसका हौसला बढ़ता गया और उसने दादी के कमरे की चाबी चुराकर अपने प्रेमी और उसके छह दोस्तों के साथ मिलकर पूरा सूटकेस ही चुरा लिया, जिसमें 15 लाख रुपये नकद, सोने के बिस्कुट और भारी मात्रा में जेवरात थे।

चोरी के बाद सभी आरोपी रायपुर पहुंचे, जहां मिनल का जन्मदिन मनाने में करीब पांच लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बाद ओडिशा में सोने के बिस्कुट बेचकर करीब आठ लाख रुपये प्राप्त किए, जिसे आपस में बांट लिया गया। चोरी की रकम से एक कार भी खरीदी गई।

इस मामले में तब और रहस्य गहराया, जब आरोपियों ने बताया कि ओडिशा में सोना बेचने के बाद बचा हुआ सोना मिनल के घर में छिपा दिया गया था। बाद में सभी आरोपी पिकनिक मनाने गए, इसी दौरान उनके ही घर से वह सूटकेस किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया। पकड़े जाने के डर से मिनल और अनिल रांची फरार हो गए थे।

पुलिस ने इस मामले में मिनल निकुंज (21), अनिल प्रधान (25), अभिषेक इंदवार (28), लंकेश्वर बड़ाईक (35) और अलीशा भगत (29) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 86,300 रुपये नकद, एक हरियर कार, मंगलसूत्र, सोने के बिस्कुट, सोने का कड़ा, एक आईफोन और चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

चोरी का खुलासा होने के बाद अब यह मामला आय से अधिक संपत्ति की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। भतीजी द्वारा करोड़ों की चोरी स्वीकार किए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना और नकदी आखिर कहां से आई। ऐसे में जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज भी जांच के घेरे में आ सकते हैं और आयकर विभाग की कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।