Gharelu Upchar: सामान्य बुखार में भी रहे सावधान, करें ये घरेलू उपचार

Gharelu Upchar: थकान, कमजोरी, खान-पान की अनियमितता तथा सर्द-गर्म मौसम की वजह से लोगों को ज्वर, हरारत की शिकायत हो जाती है।
– बदन में सुस्ती , आराम की इच्छा, शोर का सहन न होना, बेचैनी, प्यास, आंखों में जलन, सिरदर्द, बदन दर्द, बुखार आदि के लक्षण होते हैं।
सामान्य ज्वर का उपचार
– बांदा, देवदारू, रास्ना, सरल काष्ठ, एलुआ आदि का जल में क्वाथ बनाकर शक्कर व मधु के साथ पीने से बात ज्वर नष्ट होता है।
– मृत्यंजय रस 125 मिग्रा. मधु के साथ दिन में दो बार सेवन करने से वात ज्वर नष्ट होता है।
Gharelu Upchar: गोदन्ती भस्म 120 मिली. और हिंगुलेश्वर 120 मिग्रा. को किसी खरल में भुने हुए जीरे के साथ घोटकर दिन में तीन बार चार-चार घंटे के अंतराल से, उष्ण जल से लेने पर वात विकृति से उत्पन्न ज्वर नष्ट होता है। इसके साथ किराततिक्तादि क्वाथ इस्तेमाल करना चाहिए।
Gharelu Upchar: 7 तुलसी की पत्तियां, 7 काली मिर्च और 7 बताशे तीन कप पानी में डालकर उबालें। एक कप पानी रह जाने पर गर्म-गर्म पीकर, बदन ढककर दस मिनट लेट जाएं यह दवा बुखार, फ्लू, मलेरिया, सर्दी जुकाम के लिए रामबाण है। दो बार प्रातः व एक बार सोते समय दो-तीन दिन तक पिलाएं।
– वात ज्वर में नागरमोथा, नेत्र बाला, छोटी कण्ठकारी, बड़ी कण्ठकारी, गोखरू, गुर्च प्रश्निपी शाकिन पार्णी और सोंठ सभी औषधियां बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर जल में उबालकर क्वाथ बनाकर पीने से वात ज्वर नष्ट होता है।
– अनन्तमूल, मुनक्का, पुनर्नवा, गुर्च का क्वाथ बराबर मात्रा में लेकर जल के साथ क्लाथ बनाकर 6 माशे गुड़ के साथ सेवन करने पर वात ज्वर नष्ट होता है।
– बेल की छाल, खंभार पाढ़ल, अरनी, सेनापाठा (वृहत पंचमूल), गुर्च, आंवला, धनिया आदि का क्वाथ बनाकर पीने से बात ज्वर नष्ट होता है।



