Freedom of Expression : आखिर कब सबक लेगा बॉलीवुड

Freedom of Expression : आखिर कब सबक लेगा बॉलीवुड

Freedom of Expression: When will Bollywood take a lesson?

Freedom of Expression

Freedom of Expression : अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हिन्दु धर्म और संस्कृति का मजाक बनाने वाले बॉलीवुड के खिलाफ सोशल मीडिया पर बॉयकाट बॉलीवुड अभियान तेज होता जा रहा है नतीजतन एक के बाद एक हिन्दी फिल्में पीटती जा रही है। इसके बाद भी बॉलीवुड के फिल्मकार सबक सीखने को तैयार नहीं है।

फिल्मकार हिन्दी फिल्मों के दर्शकों पर ही तंज कंसने लगे है जबकि इन्ही की बदौलत वे आज करोड़ों अरबो में खेल रहे है। करण जौहर की फिल्म ब्रम्हास्त्र के बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरने के बाद कुछ अभिनेता और अभिनेत्रियों ने फिर विवादास्पद बयान दिए है और बॉयकाट बॉलीवुड अभियान चलाने वालों के जले (Freedom of Expression) पर नमक छिड़कने का काम किया है।

ये लोग इतने नासमझ है कि जिन दर्शकों ने उन्हे हर्ष से अर्श पर पहुंचाया है उसकी अलोचना कर वे अपने हाथों अपने पांव में कुल्हाड़ी माने की मूर्खता कर रहे है। होना तो यह चाहिए कि बॉलीवुड के फिल्मकारों को दर्शकों की नाराजगी का कारण पता लगाना चाहिए और उनकी नाराजगी को दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हे यह नहीं भूलना चाहिए कि उटपटांग बयानबाजी कर वे दर्शकों को ही अपने से और ‘यादा दूर कर रहे है।

यदि वे अभी भी सबक नहीं लेेंगे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हिन्दु धर्म और संस्कृति का उपहास उड़ाना बंद नहीं करेंगे तो निश्चित रूप से बॉलीवुड को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अश£ीलता और हिंसा से भरी हुई फिल्में बनाकर अब ये फिल्मकार अपनी दुकानदारी यादा नहीं चला पाएंगे। हिन्दी फिल्मों का दर्शक अब जागरूक हो चुका है और ऐसी वाहियात फिल्मों का उसने बहिष्कार शुरू कर दिया है। उम्मीद की जानी चाहिए।

बॉलीवुड के फिल्मकार अब आत्मचिंतन करेंगे और ऐसी कोई भी फिल्म बनाने का दु:साहस नहीं करेंगे जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हो। अब वे दिन लद गए जब इन कथित फिल्म स्टारों का पसीना भी गुलाब हुआ करता था। अब फिल्म के दर्शक ऐसे सभी फिल्मकारों का बॉयकाट ही करेंगे जो भारतीय संस्कृति और हिन्दु धर्म का सम्मान नहंी करते है। वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत की फिल्में एक के बाद एक सुपर डुपर हिट हो रही है क्योंकि साउथ की फिल्म इंडस्ट्रीज में आज तक भी किसी भी फिल्म में हिन्दु धर्म और संस्कृति का उपहास नहीं उड़ाया है।

यही वजह है कि साउथ की फिल्में आज (Freedom of Expression) भी सफल हो रही है और साउथ के फिल्म कलाकारों का वहां के लोग पूरा सम्मान करते है। जबकि कुछ कलाकारों से लोगों को अब नफरत होने लगी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि बॉलीवुड के फिल्मकार इस बारे में चिंतन करेंगे।

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