छत्तीसगढ़

EOW Remand : सरेंडर के बाद बढ़ीं मुश्किलें, अदालत के फैसले से अब जांच की दिशा पर टिकी सबकी नजर

छत्तीसगढ़ के चर्चित आर्थिक मामलों में एक बड़ा घटनाक्रम सामने (EOW Remand) आया है। लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के बाद पूर्व कांग्रेस पदाधिकारी ने जांच एजेंसी के समक्ष सरेंडर कर दिया। इसके बाद अदालत में पेशी हुई, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है।

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जांच एजेंसी पूछताछ की तैयारी में जुटी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

17 जुलाई तक ईओडब्ल्यू की रिमांड EOW Remand

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा के कार्यालय में सरेंडर किया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 17 जुलाई तक ईओडब्ल्यू की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी। इस दौरान एजेंसी उनसे कथित मामलों को लेकर पूछताछ करेगी।

ईओडब्ल्यू ने मांगी थी 14 दिन की रिमांड

बचाव पक्ष के अनुसार जांच एजेंसी ने 14 दिन की रिमांड की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 9 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की।

कांग्रेस ने किया प्रदर्शन का ऐलान

कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी ने शुक्रवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

जांच में क्या हैं आरोप

जांच एजेंसी का आरोप है कि कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों से जुड़े धन के लेनदेन में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका (EOW Remand) रही। ईओडब्ल्यू का दावा है कि जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों और डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर वित्तीय प्रविष्टियां मिली हैं। एजेंसी इन्हीं तथ्यों के आधार पर धन के स्रोत, उपयोग और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

बेटे से भी हुई पूछताछ

जांच एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से भी दो दिनों तक पूछताछ की। अधिकारियों ने पिछले कुछ वर्षों के ठिकानों, आर्थिक लेनदेन और अन्य संबंधित पहलुओं को लेकर जानकारी जुटाई है।

तीन मामलों की जांच के केंद्र में

रामगोपाल अग्रवाल का नाम कथित शराब घोटाला, कोल लेवी वसूली और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन मामले की जांच में सामने आया है। ईओडब्ल्यू विभिन्न दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा (EOW Remand) रही है। सभी मामलों में न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा।

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