संपादकीय: डोनाल्ड ट्रैम्प की ईरान को फिर धमकी

Editorial: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रैम्प ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है वैसे तो जब से युद्ध शुरू हुआ है वे लगातार ईरान को धमकाते ही आ रहे हैं जिसे ईरान एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकल देता है। अब डोनाल्ड ट्रैम्प ने ईरान को 48 घंटों का अल्टीमेटम देते हुए धमकी दी है कि यदि उसने होर्मुज नाका बंदी खत्म नहीं की तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करेगा और ईरान के पॉवर प्लांटों का निशाना बनाएगा।
इस धमकी का भी ईरान पर कोई असर नहीं पड़ा है और जवाबी कार्यवाही के रूप में उसने इजराइल पर तथा खाड़ी देशों पर अपने हमले और तेज कर दिए है। जाहिर है ईरान डोनाल्ड टं्रप की धमकियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। ईरान को पता है कि जब तक होर्मुज पर उसका कब्जा बरकरार है। तब तक अमेरिका उसका कुछ भी नहीं कर बिगाड़ पाएगा। अलब्बता ईरान पूरे विश्व में तेल और गैस की सप्लाई को रोक कर पूरी दुनिया को संकट में डाल सकता है और इसके लिए सभी डोनाल्ड ट्रैम्प को ही जिम्मेदार ठहराएंगे।
वास्तव में ऐसा हो भी रहा है और डोनाल्ड ट्रैम्प नायक बनने के चक्कर में पूरी दुनिया के खलनायक बन गए है। खुद अमेरिका में भी उनके खिलाफ विद्रोह के स्वर उभरने लगे हैं और विपक्षी पार्टी ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के भी संकेत दिए है। अमेरिका की जनता पहले ही डोनाल्ड ट्रैम्प की इस मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतर गई है और डोनाल्ड ट्रैम्प इस्तीफा दो के नारे अमेरिका में जगह-जगह गूंज रहे हैं।
ऐसे में डोनाल्ड ट्रैम्प अब कुछ भी कर सकते है। पिछले एक महिने से चल रहे इस युद्ध में ईरान ने अपनी हार नहीं मानी है भले ही उसका बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है लेकिन उसने भी इजराइल पर और अमेरिका परस्त खाड़ी देशों पर हमले तेज करके उनको भी भारी छति पहुंचाई है। यह एक तरह से डोनाल्ड ट्रैम्प की हार ही है भले ही वे इसे अपनी जीत बता रहे हो। ऐसे में डोनाल्ड ट्रैम्प 48 घंटे की समय सीमा समाप्त होने के बाद ईरान के खिलाफ क्या बड़ी कार्रवाई करते है और ईरान इसके जवाब में क्या कदम उठाता है यह देखना होगा।
डोनाल्ड ट्रैम्प की इस धमकी के बाद ईरान ने कहा है कि वह अपनी जंग हर हाल में जारी रखेगा। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका को भी भारी नुकसान पहुंचाया है और आगे वह खाड़ी देशों में स्थित अमेरिका के सैन ठीकानों को नेस्तनाबुत करके रख देगा। इससे स्पष्ट है कि यह जंग अभी और तेज होगी और इसका नतीजता चाहे कुछ भी निकले इसके गंभीर दुष्परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने होगे।



