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छत्तीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति से सराफा व्यापार को मिलेगी नई उड़ान

जेम्स एंड ज्वेलरी व हॉलमार्किंग को उद्योग का दर्जा, बढ़ेंगे निवेशक

बिलासपुर/नवप्रदेश। Sarafa Bazar: छत्तीसगढ़ सरकार ने नई औद्योगिक नीति के तहत जेम्स एण्ड ज्वेलरी और हाल मार्क को भी उद्योग का दर्जा दिया है। शासन के इस निर्णय का छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने स्वागत करते हुए कहा है कि राज्य एवं देश के विकास में सराफा व्यवसाय का विशेष महत्व है। नई औद्योगिक नीति में जेम्स एंड ज्वेलरी और हालमार्क को उद्योग का दर्जा मिला है, जिससे सराफा व्यापार से जुड़े छोटे-बड़े व्यापारियों सहित सभी को इसका लाभ मिलेगा। अभी लगभग 7 हजार दुकानदार एवं करीब 10 हजार कारीगर, गलाई, मीनाकार एवं अन्य हस्त शिल्पकार तथा फेरी वाले व्यापारी बड़ी तादात में हैं।

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन लंबे समय से मांग कर रही है कि प्रदेश में भी एक राज्य स्तरीय होलसेल कारीडोर बने जिसमें आधुनिक डिजाइनों की दुकानें, होल सेल मंडी, कारख़ाना, हालमर्किंग सेंटर, केरोमीटर जांच केंद्र एवं सराफा से जुड़े सभी प्रकार के हस्त शिल्पकार के प्रशिक्षण केंद्र, बाहर से आने जाने वाले एवं फेरी वाले व्यापारियों के रुकने का सुरक्षित स्थान तथा समय-समय पर आयोजित होने वाला सेमिनार के लिए व्यापारिक कॉरीडोर एवं भवन (जो की सर्वसुविधायुक्त हो) छत्तीसगढ़ राज्य मे स्थापित किया जाए। जिससे कि सराफा व्यापार मे विकास की गति के साथ-साथ राज्य का भी विकास हो सके। उद्योग विभाग का कहना है कि सेवा क्षेत्र में इन्हें शामिल करने से अब इस सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। राज्य में वर्तमान में 5,000 से ज्यादा सराफ कारोबारी हैं।

इसके साथ ही प्रदेशभर में लगभग नौ हॉलमार्किंग सेंटर हैं। जेम्स एण्ड ज्वेलरी को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद अब निवेश बढऩे की संभावना है। सराफा सेक्टर से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि ज्वेलरी के साथ ही हॉलमार्किंग सेक्टर में 40 से 50 बड़े-बड़े समूह भी आने की तैयारी में हैं। उद्योग विभाग (Sarafa Bazar) का कहना है कि जेम्स एण्ड ज्वेलरी व हाल मार्किंग के क्षेत्र के निवेशकों को भी उद्योगों के समान ही रियायतें मिलेंगी। इसके तहत ब्याज एवं सब्सिीडी के साथ ही बिजली बिल की दरों में छूट और जमीन की रजिस्ट्री शुल्क में छूट है।

साथ ही केंद्र सरकार ने आभूषणों में हाल मार्किंग अनिवार्य कर दी है इसके चलते सराफा कारोबारियों की मांग रही है कि प्रदेश के सभी जिलों के साथ ही उन सभी क्षेत्रों में हाल मार्किंग सेंटर खुलने चाहिए जहां अभी ये सेंटर नहीं है। अभी काफी कम सेंटर होने की वजह से दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले कारोबारियों को परेशानी होती है। हाल मार्किंग सेंटर सभी क्षेत्रों में होने से उपभोक्ताओं को भी इसका फायदा मिलेगा। ये कहीं भी आभूषणों की शुद्धता की जांच भी करवा सकते हैं।

सराफा एसो की सभी मांगें जल्द पूरी होंगी: अमर

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी शहर विधायक अमर अग्रवाल से मिले और उन्होंने कहा कि बिलासपुर सराफा व्यवसाय अति सुरक्षित एवं विकासशील रहा है तथा अब हम छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के तरफ से सराफा व्यापार के विकास के लिए बिलासपुर में सराफा कोरीडोर के लिए शासकीय भूमि उचित दर पर मांग किए हैं। शहर विधायक अमर अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि भाजपा की सरकार हमेशा उनके साथ है और उनके सभी जायज मांगों को जल्द ही पूरा किया जाएगा।

सराफा कारिडोर के लिए बिलासपुर उपयुक्त

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के बैठक में भौगलिक स्थिति, सुरक्षा एवं यातायात की सुगमता के अनुसार सराफा कॉरीडोर के लिए बिलासपुर को सबसे उपयुक्त माना गया है अगर ये कोरीडोर बिलासपुर में बनता है तो समस्त व्यवसायी एवं विशेष रूप से बिलासपुर में रहने वाले समस्त लोगो के लिए ये गर्वशाली पल होगा।

शासन के निर्णय का स्वागत: कमल सोनी

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि शासन की नई औद्योगिक नीति स्वागत योग्य है इससे जेम्स एण्ड ज्वेलरी के व्यापार से जुड़े लोगों के साथ ग्राहकों (आम लोगों) को फायदा होगा। हालमार्क होने पर दुकानदार खरे सोने के दाम लेकर कम कैरेट के गहने नहीं बेच सकेंगे और किसी के साथ धोखाधड़ी नहीं होगी।

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