Chhattisgarh Assembly SIR Issue : मतदाता सूची विवाद पर गरमा गया सदन, SIR मुद्दे पर हंगामा, स्थगन खारिज होते ही विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा जोरदार (Chhattisgarh Assembly SIR Issue) तरीके से गूंजा। विपक्ष ने इसे लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया, लेकिन आसंदी द्वारा इसे अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में तीखी नोक-झोंक और हंगामा देखने को मिला, जिसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
‘19 लाख से ज्यादा नाम कटे’, विपक्ष का बड़ा आरोप (Chhattisgarh Assembly SIR Issue)
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान 19 लाख 13 हजार से अधिक लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर नाम कटना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है और इस पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
सत्तापक्ष का जवाब – ‘यह राज्य का विषय नहीं’
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह राज्य का विषय नहीं है, बल्कि Election Commission of India का मामला है, इसलिए इसे सदन में नहीं उठाया (Chhattisgarh Assembly SIR Issue) जाना चाहिए। वहीं विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में सब कुछ सामान्य है और विपक्ष केवल मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
सदन में बढ़ा तनाव, बयानबाजी तेज
बहस के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे राजनीतिक लाभ लिया जा सके। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया।
आसंदी ने स्थगन किया खारिज
आसंदी ने स्पष्ट किया कि यह विषय भारत निर्वाचन आयोग के अधिकार (Chhattisgarh Assembly SIR Issue) क्षेत्र में आता है, इसलिए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नारेबाजी के बीच विपक्ष का वॉकआउट
स्थगन अस्वीकार होने के बाद विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर विधानसभा में राजनीतिक तनाव खुलकर सामने आ गया।



