BJP Membership : भाजपा में शामिल होने को लेकर बढ़ा विवाद, निर्दलीय महिला पार्षद ने लगाया रोकने का आरोप
रिपोर्टर : साहिलराज लहरे
जांजगीर चांपा जिले के बम्हनीडीह नगर पंचायत में राजनीतिक हलचल तेज (BJP Membership) हो गई है। भाजपा की सदस्यता को लेकर सामने आए विवाद ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक निर्दलीय महिला पार्षद ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल होने से रोका गया।

यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं भाजपा संगठन की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि किसी को भी पार्टी में शामिल होने से नहीं रोका गया है।
निर्दलीय पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप BJP Membership
वार्ड क्रमांक 5 की निर्दलीय पार्षद श्रीमती अंजली सराफ का आरोप है कि वह अपने समर्थकों के साथ शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भाजपा की सदस्यता लेना चाहती थीं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होने की तैयारी थी, लेकिन मंडल स्तर पर इसका विरोध किया गया।
उनका दावा है कि वह सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा से जुड़ना चाहती थीं, ताकि अपने वार्ड और नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
मंडल अध्यक्ष पर उठे सवाल
विवाद के बीच भाजपा बम्हनीडीह मंडल अध्यक्ष आशीष तिवारी का एक कथित ऑडियो भी चर्चा में है। इसमें कथित तौर पर यह कहा गया है कि पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले लोगों को भाजपा में शामिल नहीं किया जा सकता और यह जिला स्तर के निर्देशों के अनुरूप है। हालांकि इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
शपथ ग्रहण समारोह में उपेक्षा का भी आरोप
महिला पार्षद का आरोप है कि दो जुलाई को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी उनकी उपेक्षा की गई। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत विरोध के कारण उन्हें पार्टी में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नगर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने क्या कहा
भाजपा संगठन के जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल ने इन आरोपों पर कहा कि किसी भी व्यक्ति को पार्टी में शामिल होने (BJP Membership) से नहीं रोका गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को जोड़ना या रोकना उनके व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है।
उन्होंने कहा कि संगठन की विचारधारा और रीति नीति के अनुरूप जो लोग पार्टी के साथ चलना चाहते हैं, उनके संबंध में संगठन स्तर पर निर्णय लिया जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी पर कोई दबाव नहीं है और संगठन अपने नियमों के अनुसार ही निर्णय लेता है।



