बड़ा खुलासा: डीजीपी ने दिये जांच के आदेश, नपेंग अफसर और पुलिसकर्मी -

बड़ा खुलासा: डीजीपी ने दिये जांच के आदेश, नपेंग अफसर और पुलिसकर्मी

6 states join hands to curb cyber crime

Cyber Crime

  • पुलिस विभाग में चला अपात्रों को पदोन्नति देने का खेल

  • पांच साल में वक्त से पहले ही कइयों को पदों से नवाजा गया

  • खुलासे के बाद दस्तावेजों की जांच के लिए कमेटी गठित

  • पांच वरिष्ठ आईपीएस अफसर करेंगे जांच प्रतिवेदन पेश

  • आउट आफ टर्म प्रमोशन और गैलेंटरी अवॉर्डी भी घिरेंगे अब

नवप्रदेश संवाददाता
रायपुर। पूर्ववर्ती शासनकाल में कई ऐसे फैसले लिये गए जो गंभीर हैं। इसमें सबसे ज्यादा मनमानी प्रदेश पुलिस विभाग PHQ में हुई है। अपात्रों को गलत तरीके से सम्मानित करने और वक्त से पहले ही आउट टर्न प्रमोशन तक मिला। इसका खुलासा होने के बाद से ही छत्तीसगढ़ शासन अब ऐसों की जांच के लिए कमेटी गठित करने का निर्देश जारी कर दिया है।

पुलिस मुख्यालय के पांच वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की 5 सदस्यीय टीम अब जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट शासन को पेश करेगी। जांच समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(एडीजी एडमिन)अशोक जुनेजा करेंगे।

पुलिस विभाग में जनवरी 2010 से दिसम्बर 2015 के मध्य कई ऐसे पुलिस कर्मियों को पदोन्नति दी गई है, जो नियमानुसार इसकी पात्रता नहीं रखते हैं। समाचार पत्रों के माध्यम से यह बात संज्ञान में आने पर पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी ने इस संबंध में दस्तावेजों की जांच, परीक्षण के लिए समिति गठन के आदेश जारी किए हैं।

समिति को अविलंब समस्त दस्तावेजों की जांच कर अनुशंसा सहित प्रकरण, जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है।समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन अशोक जुनेजा को बनाया गया है। सदस्यों में उप पुलिस महानिरीक्षक एस.आई.बी. सुन्दरराज पी., उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन ओ.पी. पॉल, उप पुलिस महानिरीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग एस. सी. द्विवेदी और उप पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता अजय यादव शामिल है।

पीएचक्यू लेबल पर गोलमाल

पुलिस मुख्यालय में बड़े पैमाने पर प्रमोशन के नाम पर गोलमाल की शिकायत मिल रही थी। ना सिर्फ बस्तर और दूरस्थ इलाकों में बल्कि अन्य जगहों पर भी इसी तरह आउट आफ टर्न प्रमोशन का खेल हुआ। आलम ये था कि कई पुलिसकर्मी कांस्टेबल से प्रमोशन पाकर एसआई तक बन गये और कई पुलिसकर्मी सालों गुजर जाने और अहर्ता के बावजूद मूल पद पर ही बने रह गये।

फर्जी साइटेशन से मिला गैलेंटरी अवॉर्ड

सरकार को ये भी शिकायत मिली है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में आपरेशंस में बहादूरी दिखाने वाले जवानों को भी आउट आफ टर्न प्रमोशन देने में बड़ा खेल हुआ। जो आपरेशन में शामिल नहीं भी थे उन्हें गैलेंटरी अवार्ड दे दिया गया और आउट आफ टर्न प्रमोशन देकर उपकृत किया गया। जांच के ऐलान से पीएचक्यू में हड़कंप मचा है। जाहिर है खुलासा के बाद कई अफसर और पुलिसकर्मी नपेंगे।


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