LCIT Group Of Institutions : शिकायत दर्ज, नतीजा शून्य, एक हफ्ते बाद भी आरोपी पुलिस पकड़ से दूर

छात्रा से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोपों वाले मामले में एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी चकरभाठा थाना ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच (LCIT Group Of Institutions) सका है। परीक्षा केंद्र की मर्यादा और छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली यह घटना परसदा स्थित LCIT Group of Institutions परिसर से जुड़ी बताई जा रही है, जहां परीक्षा के दौरान कथित रूप से ड्यूटी पर तैनात एक शिक्षक ने “चेकिंग” के नाम पर छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया।
घटना 29 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। पीड़िता परीक्षा देने परिसर पहुंची थी, तभी परीक्षा केंद्र की व्यवस्था के बीच कथित तौर पर सीमा लांघी गई। अगले दिन, 30 जनवरी को, छात्रा ने चकरभाठा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई, प्राथमिक जांच भी हुई, लेकिन आरोपी अब तक पकड़ से बाहर है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।

मामला केवल एक व्यक्ति के आचरण तक सीमित नहीं माना (LCIT Group Of Institutions) जा रहा। परीक्षा केंद्र की निगरानी, प्रवेश-जांच की प्रक्रिया, और छात्रों खासकर छात्राओं की सुरक्षा के मानकों पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संस्थान का प्रभावशाली होना जांच की रफ्तार पर असर डाल रहा है, जिससे कार्रवाई अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही।
इस बीच, चकरभाठा थाना प्रभारी उमेश साहू ने कहा कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अब तक गिरफ्तारी न होने से भरोसे की कमी साफ झलकती है।
बोदरी नगर पंचायत के अध्यक्ष विजय भा ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मांग की कि जांच में किसी तरह का दबाव या प्रभाव आड़े न आए और आरोपी को शीघ्र कानून के दायरे में लाया जाए।
एक हफ्ते बाद भी नतीजा न निकलना न सिर्फ पीड़िता के लिए पीड़ादायक है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाता है। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन, पुलिस और संस्थान तीनों की साझा जिम्मेदारी (LCIT Group Of Institutions) है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि जांच कब ठोस मोड़ लेती है और न्याय की प्रक्रिया कब तेज होती है।



