Sovereign Gold Bond Series VII Redemption : सोने के निवेश ने निवेशकों को किया मालामाल, 5 साल में मिला 200% से ज्यादा का रिटर्न, आज है बाहर निकलने का बड़ा मौका

निवेश की दुनिया में सुरक्षित और मोटा मुनाफा कमाने वालों के लिए एक बड़ी खबर (Sovereign Gold Bond Series VII Redemption) आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज़-VII के निवेशकों के लिए समय से पहले रिडेम्पशन यानी पैसा निकालने की खिड़की खोल दी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लोगों ने 5 साल पहले इस स्कीम में पैसा लगाया था, उन्हें आज अपनी पूंजी पर करीब 205 प्रतिशत का बंपर रिटर्न मिल रहा है। आरबीआई ने इस एग्जिट के लिए प्रति यूनिट की कीमत भी घोषित कर दी है।
क्या है वह कीमत जिस पर मिलेगा पैसा? (Sovereign Gold Bond Series VII Redemption)
आरबीआई की आधिकारिक रिलीज के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को होने वाले इस रिडेम्पशन के लिए प्रति यूनिट की कीमत ₹15,254 तय की गई है। यह कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित पिछले तीन दिनों के सोने के औसत भाव के आधार पर निकाली गई है।
अगर आपने इस सीरीज के बॉन्ड अक्टूबर 2020 में ₹5,051 की कीमत पर खरीदे थे, तो आज आपको हर यूनिट पर करीब ₹10,000 से ज्यादा का सीधा मुनाफा हो रहा है। इसके अलावा निवेशकों को हर साल मिलने वाला 2.5% ब्याज अलग से मिला है।
बजट 2026 के बाद टैक्स का क्या है गणित?
अगर आप आज इस स्कीम से बाहर निकलने का मन बना रहे हैं, तो टैक्स के नए नियमों को समझना जरूरी है। 1 अप्रैल 2026 से लागू नियमों के मुताबिक, अगर आप मैच्योरिटी (8 साल) तक बॉन्ड रखते हैं, तो कैपिटल गेन पर पूरी छूट (Sovereign Gold Bond Series VII Redemption) मिलती है।
लेकिन समय से पहले (जैसे आज) बाहर निकलने पर 12 महीने से ज्यादा की होल्डिंग के कारण 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स देना होगा। वहीं, हर साल मिलने वाले ब्याज पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।
क्या अब बंद हो जाएगी यह स्कीम?
निवेशकों के बीच इस बात को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है कि क्या सरकार नई सीरीज जारी करेगी। साल 2026-27 के लिए अभी तक कोई नया कैलेंडर जारी नहीं हुआ है। खबरों की मानें तो सरकार अपनी उधारी कम करने के लिए फिलहाल इस योजना को थाम (Sovereign Gold Bond Series VII Redemption) सकती है।
हालांकि, जिनके पास पुराने बॉन्ड्स हैं, वे अब भी एक्सचेंज पर इन्हें बेच सकते हैं या मैच्योरिटी तक ब्याज का फायदा उठा सकते हैं। फिजिकल गोल्ड की तुलना में यह अब भी एक बेहद सुरक्षित और फायदे का सौदा बना हुआ है।



