Caste Certificate Controversy : विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र पर बढ़ा विवाद, आदिवासी समाज का प्रदर्शन
Caste Certificate Controversy
प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद तेजी से (Caste Certificate Issue) बढ़ता जा रहा है। हाई कोर्ट के निर्देश पर जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने विधायक को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब देने के लिए उनके अधिवक्ता समिति के समक्ष पहुंचे और समिति की अधिकारिता एवं प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई। समिति ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई 11 दिसंबर के लिए निर्धारित की है।
आदिवासी समाज का बलरामपुर में उग्र विरोध
मामले की जांच में देरी को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने बलरामपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्टर कार्यालय के सामने सैकड़ों लोग एकत्रित हुए और प्रशासन पर (Tribal Community Protest) पक्षपात का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिकायतों की जांच समय पर नहीं की जा रही है और प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित हुआ, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आम नागरिकों के जाति प्रमाण पत्र पर भी सवाल
आदिवासी समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि सामान्य नागरिकों के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाना और भी मुश्किल हो गया है। अधिकारियों द्वारा जटिल प्रक्रियाओं और अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। समाज ने मांग की कि जाति सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और निष्पक्ष बनाया जाए।
विधायक शिकुंतला सिंह पोर्ते की प्रतिक्रिया
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि उन्हें प्रतापपुर की जनता ने चुना है और वे क्षेत्र के विकास कार्यों पर केंद्रित रहेंगी। उन्होंने कहा—
“मैं आदिवासी की बेटी हूं। ऐसे आरोपों पर ध्यान देने के बजाय मैं जनसेवा और विकास कार्यों में जुटी रहूंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक प्रेरित हैं और वे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अपना पक्ष मजबूत तरीके से रखेंगी। इस विवाद के चलते जिले में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और आगामी सुनवाई का सभी पक्ष इंतजार कर रहे हैं।
