IAS Sameer Vishnoi Property Seized : निलंबित IAS समीर विश्नोई की ‘काली कमाई’ पर बड़ी चोट, 4 करोड़ की 9 और संपत्तियां कुर्क, कोर्ट का सख्त आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले में सलाखों के पीछे बंद निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की घेराबंदी और कड़ी (IAS Sameer Vishnoi Property Seized) हो गई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की सक्रियता के बाद अब विश्नोई की बेनामी संपत्तियों का कच्चा चिट्ठा खुलने लगा है।
रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने ईओडब्ल्यू के आवेदन पर मुहर लगाते हुए समीर विश्नोई की 4 करोड़ रुपये मूल्य की 9 अवैध अचल संपत्तियों को अटैच करने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के जरिए साम्राज्य खड़ा करने वाले सिंडिकेट को साफ संदेश दिया है कि अब उनके रसूख का असर खत्म हो चुका है।
परिवार और फर्मों के नाम पर बनाया था ‘प्रॉपर्टी जाल’ (IAS Sameer Vishnoi Property Seized)
ईओडब्ल्यू की गहन जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 2018 बैच के इस आईएएस अधिकारी ने भ्रष्टाचार की रकम को खपाने के लिए अपने परिवार के सदस्यों और कई फर्जी फर्मों का सहारा लिया था। जांच टीम ने जब विश्नोई के आय के स्रोतों और अर्जित की गई संपत्तियों का मिलान किया, तो करोड़ों रुपये का अंतर पाया गया।
अपराध क्रमांक 23/2024 के तहत दर्ज इस मामले में अब उन 9 संपत्तियों पर प्रशासन का कब्जा हो गया है, जिन्हें विश्नोई ने अपनी ‘काली कमाई’ को निवेश करने के लिए खरीदा था। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इन जमीनों और मकानों की किसी भी तरह की खरीद-बिक्री पर कानूनी रूप से ताला लग गया है।
ED के बाद अब EOW का दोहरा प्रहार
समीर विश्नोई की मुश्किलें इसलिए भी ज्यादा हैं क्योंकि उन पर केंद्रीय और राज्य स्तरीय, दोनों एजेंसियां शिकंजा (IAS Sameer Vishnoi Property Seized) कस रही हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कोयला घोटाले की जांच के दौरान विश्नोई की 5 प्रमुख संपत्तियों को सीज किया था।
अब ईओडब्ल्यू ने 9 अतिरिक्त संपत्तियों को ढूंढ निकाला है, जो पहले जांच के रडार से बाहर थीं। गौरतलब है कि इस घोटाले की आंच केवल विश्नोई तक सीमित नहीं है; ब्यूरो ने संकेत दिए हैं कि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य रसूखदार अधिकारियों की बेनामी संपत्तियों की पहचान भी लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही उन पर भी कुर्की की गाज गिर सकती है।
प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर कोर्ट का कड़ा रुख
कोयला घोटाले में यह पहली बड़ी कुर्की (IAS Sameer Vishnoi Property Seized) नहीं है। इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया की अवैध संपत्तियों पर भी कोर्ट के आदेश से ताला लगाया जा चुका है। विशेष न्यायालय द्वारा दी गई यह अनुमति बताती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आई है।
ईओडब्ल्यू फिलहाल उन बैंक ट्रांजेक्शन और रजिस्ट्री दस्तावेजों को खंगाल रही है, जिनके माध्यम से इन संपत्तियों के सौदे (IAS Sameer Vishnoi Property Seized) किए गए थे। इस कार्रवाई से प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि जांच की आंच अब कई और ‘बड़े चेहरों’ तक पहुँचने वाली है।



