वन मंडल का कारनामा: एक रस्सी के सहारे खड़ा है 1 करोड़ 33 लाख का तेंदूपत्ता गोदाम |

वन मंडल का कारनामा: एक रस्सी के सहारे खड़ा है 1 करोड़ 33 लाख का तेंदूपत्ता गोदाम

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कोरबा। 1 करोड़ 33 लाख (1 crore 33 lakhs) का तेंदूपत्ता गोदाम (Tendupatta godown) की कालम महज (Column just) एक रस्सी (a rope) के सहारे खड़ा है। यह हैरत अंगेज नज़ारा कोरबा बिलासपुर मार्ग के कासनिया मोड़ पर देखा जा सकता है।

वन अफसरों के इस कारनामे से न केवल सरकार की छवि धूमिल हो रही है। बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग हो रहा है। कटघोरा वनमण्डल के अंतर्गत कटघोरा बिलासपुर मार्ग के कसनिया के निकट निर्माणाधीन तेंदूपत्ता गोदाम (Tendupatta godown) में भारी भर्राशाही उजागर हो रहा है।

एक करोड़ 33 लाख की लागत से तैयार हो रहे भवन में प्राकलन के नियम विरुद्ध कालम खड़ा किया गया है। धराशाही होने के कगार पर आ चुके कालम को रस्सी के सहारे थामकर यथावत रखा गया है।

निर्माण में गड़बड़ी यही तक नही है, बल्कि 12 फिट की दीवाल ढहने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। जानकारी के मुताबिक वनमंडल कटघोरा में 1 करोड़ 33 लाख की लागत से बनाए जा रहे तेंदूपत्ता गोदाम के कॉलम को तोड़कर फिर से बनाया जाएगा।

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रेंजर आरके चौबे का कहना है कि तेज हवाओं के कारण पहले से ही टूट गया था। उसे रस्सी से बांधा गया है। लेकिन पहले से ही कॉलम कमजोर था। कॉलम बनाने के लिए खुदाई भी नहीं कराई गई थी। इसकी वजह से यह टूटने का डर पहले से था। वन विभाग मेें विभागीय कार्य कराए जाते हैं। इसी के तहत तेंदूपत्ता गोदाम (Tendupatta godown) का निर्माण कराया जा रहा है।

कॉलम बनाने कम से कम चार फीट गड्ढा खोदने के बजाय कम गहराई में ही कॉलम खड़ा किया गया था। इसके एक हिस्से का दीवार भी टूटकर गिरने की घटना सामने आई थी। मामले का खुलासा होने के बाद अब नए सिरे से निर्माण कराने की बात कही जा रही है।

मनमर्जी करते अधिकारी

कटघोरा वन मण्डल में कोई भी काम होता है तो विभागीय अधिकारी न तो प्रस्ताव लेते हैं और ना ही समिति पदाधिकारियों को सूचना देते हैं। अभी इतना विरोध होने के बाद मुझे काम चलने की जानकारी मिली। इससे पहले तो मुझे पता भी नहीं था कि नया भवन निर्माण की स्वीकृति भी आ गई है। फोरेस्टर एवं रेन्जर मनमर्जी से काम कराते हैं।

निर्धारित प्राकलन के अनुसार नहीं हुआ काम

भवन निर्माण के लिए जो प्राकलन निर्धारित किया गया है। उसके अनुसार अब तक काम नहीं कराया गया है। कालम की साइज के मुताबिक न तो रेड लगाया गया है और न ही सीमेंट कांक्रीट।

जानकारों की माने तो बिना टेक्निकल जानकारी के भवन निर्माण कराया नौसिखिये लोगो द्वारा कराया जा रहा है। अब जब बिल्डिंग झुक गया तो वन विभाग के कर्मचारियों से अधिकारियों तक कि सांसे फूलने लगी है। कालम में न तो उचित मोटाई है और न ही इसमें निर्धारित गिट्टी का उपयोग किया गया है।

आंधी तूफान की वजह से दीवार गिरा था और कुछ हिस्से का दीवार टेढ़ा हो गया था, उसे तोड़कर सुधार कार्य कराया जा गया है । दीवार को सीधा करने रस्सी का सहारा लिया गया है।
एके तिवारी, उप वनमंडलाधिकारी, पाली

कासनिया मोड़ पर बनने वाले तेंदूपत्ता गोदाम का निर्माण मेरे मानिटरिंग में कराया जा रहा है। तूफान की वजह से दीवार टेढ़ा हुआ था। उसे सीधा कर लिया गया है।
अश्वनी चौबे, रेंजर केंदई

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