World Health Organization : भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश -

World Health Organization : भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश

World Health Organization: An attempt to tarnish the image of India

World Health Organization

World Health Organization : वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जंग में भारत ने जो शानदार सफलता पाई है उसकी सारी दुनिया ने मुक्त कंठ से सराहना की थी। खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी उस दौरान भारत की भूमिका की प्रशंसा की थी किन्तु विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना से दुनिया भर में हुई मौतों के बारे में जो ताजा आंकड़े जारी किए है उसमें उसने भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या दस गुना से भी ज्यादा बताई है जो भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश है। इसका भारत को कड़ा प्रतिरोध करना चाहिए और यही नहीं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की नाकामियों को भी दुनिया के सामने उजागर करना चाहिए।

कोरोना के खिलाफ जंग में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) असफल रहा था। चीन के दबाव में काम करने वाले विश्व स्वास्थ्य संगठन की कार्यप्रणाली पर दुनिया के कई देशों ने सवालिया निशान भी लगाए थे। कोरोना काल के दौरान डब्ल्यू एच ओ ने समय समय पर जो दिशा निर्देश जारी किए थे उसे लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी। कुल मिलाकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में डब्ल्यू एच ओ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने में विफल रहा था और अब वह कोरोना के खिलाफ जंग में अग्रणी भूमिका निभाने वाले भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने का प्रयास कर रहा है।

जबकि भारत ने रिकार्ड समय में कोरोना की वैक्सीन बना ली थी और १३० करोड़ लोगों को समय पर वैक्सीन भी उपलब्ध करा दी थी। यही नही बल्कि भारत ने अपने देशवासियों को मुफ्त में कोरेाना के टीके लगवाए थे जबकि दुनिया के अन्य देशो ंमें इसके लिए लोगों से शुल्क वसूला था। भारत ने अपने पड़ौसी देशों सहित और भी कई देशों को कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराकर पीडि़त मानवता की सच्ची सेवा की मिसाल पेश की थी। इन तमाम उपलब्धियों को छोटा कर के दिखाने के लिए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़ा चढ़ाकर पेश की है जो उसके पूर्वाग्रह ग्रसित होने का प्रमाण है।

भारत ने इसका प्रतिरोध किया है, करना भी चाहिए क्योंकि यह चीन के ही दबाव में भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश हो सकती है। गौरतलब है कि दुनिया भर में कोरोना फैलाने वाला चीन ही है जिसके प्रयोगशाला की जांच में भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अड़ंगा लगाया था। वह यह मानने के लिए तैयार ही नहीं था कि चीन कोरोना का जनक है।

बहरहाल यह सच्चाई अब दुनिया के सामने (World Health Organization) आ चुकी है और चीन के खिलाफ सारी दुनिया एकजूूट हो गई थी। अभी भी दुनिया में कोरोना की चौथी लहर की संभावना बनी हुई है इससे निपटने के लिए भी विश्व स्वास्थ्य संगठन कोई कारगर पहल नहीं कर रहा है। उल्टे भारत जैसे देशों पर जिसने कोरोना के खिलाफ जंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उसे बदनाम करने की कुत्सिक कोशिश कर रहा है।

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