West Bengal Cabinet Reshuffle : ममता की नई कैबिनेट में ये हैं 8 नए चेहरे...

West Bengal Cabinet Reshuffle : ममता की नई कैबिनेट में ये हैं 8 नए चेहरे…

West Bengal Cabinet Reshuffle: These are the 8 new faces in Mamta's new cabinet...

West Bengal Cabinet Reshuffle

कोलकाता/नवप्रदेश। West Bengal Cabinet Reshuffle : ममता की कैबिनेट में नए चेहरों के नामों को अंतिम रूप दे दिया गया है। कुल 9 लोग मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं, जिनमें से 8 नए चेहरे हैं। कुल 9 मंत्रियों में से पूर्ण मंत्री प्रदीप मजूमदार, पार्थ भौमिक, बाबुल सुप्रिया, उदयन गुहा और स्नेहाशीष चक्रवर्ती हैं।

4 बजे आधिकारिक घोषणा

राज्य के स्वतंत्र राज्य मंत्री बीरबाहा हांसदा और बिप्लब रॉयचौधरी हैं। राज्य के मंत्री ताजमुल हुसैन और सत्यजीत बर्मन हैं। इनमें बीरबाहा हांसदा को छोड़कर बाकी 8 नए चेहरे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार शाम चार बजे तक आधिकारिक तौर पर नए मंत्रियों के नामों की घोषणा करेंगी। पार्थ चटर्जी को कैबिनेट से हटाए जाने के दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 5-6 नए चेहरे आने वाले हैं। हालांकि, यह पुष्टि की गई है कि संख्या बढ़ रही है।

गौरतलब है कि मंगलवार को कॉल कर प्रदीप मजूमदार, बिप्लब रॉयचौधरी और स्नेहाशीष चक्रवर्ती को कैबिनेट में आने की सूचना दी। इसके अलावा दो अन्य, ताजमुल हुसैन और सत्यजीत बर्मन को भी कोलकाता में रहने के लिए कहा गया है। क्योंकि ये जिले के मंत्री होंगे।

प्रदीप मजूमदार को कृषि विभाग की जिम्मेदारी

अब सवाल यह है कि किसे कौन सा ऑफिस मिलेगा? तय है कि प्रदीप मजूमदार को कृषि विभाग की जिम्मेदारी मिलने वाली है। क्योंकि वह लंबे समय तक मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार रहे हैं। इसलिए माना जा रहा है कि उन्हें कृषि विभाग की जिम्मेदारी मिलने वाली है।

हालांकि नए मंत्री के नाम की घोषणा के साथ सबसे अहम बात यह है कि कुछ दिग्गज मंत्रियों के दफ्तरों में फेरबदल होने जा रहा है। उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, पार्थ चटर्जी द्वारा आयोजित परिषद कार्यालयों जैसे बहुत महत्वपूर्ण विभागों को मुख्यमंत्री को वितरित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पंचायत कार्यालय भी है।

इस सिलसिले में फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और मलय घटक के नाम सामने आ रहे हैं। अब चंद्रिमा भट्टाचार्य के पास पहले से ही कई कार्यालय हैं। जिनमें वित्त विभाग और स्वास्थ्य विभाग उल्लेखनीय हैं। वहीं दूसरी ओर फिरहाद के कई ऑफिस भी हैं। वह कोलकाता के मेयर, हिडको के अध्यक्ष हैं, साथ ही शहरी विकास, परिवहन एवं आवास विभाग मंत्री।

फरहाद हकीम से छीना जा सकता है विभाग

सुनने में आ रहा है कि आवास एवं परिवहन विभाग फिरहाद हकीम से लिया जा सकता है और उसे एक और महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यानी उनके हाथ में कुछ वर्तमान कार्यालय होने पर ही उन्हें नया और अधिक महत्वपूर्ण कार्यालय दिया जा सकता है।

अब बाबुल सुप्रिया, पार्थ भौमिक को किस कार्यालय की जिम्मेदारी मिल रही है? यही देखना है। सुनने में आ रहा है कि बिप्लब रॉय चौधरी को सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। दूसरी ओर, हालांकि शुरुआत में इस मंत्री के लिए तपस रॉय का नाम चल रहा था, विशेष रूप से उनके परिषद मंत्री बनने की अटकलों के साथ, इसे हटा दिया गया था।

संयोग से पिछले साल नवंबर में तत्कालीन पंचायत मंत्री सुब्रत मुखोपाध्याय के निधन के बाद कैबिनेट में फेरबदल हुआ था।
तब पंचायत कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार पुलक राय को दिया गया था। बेचाराम मन्ना उस कार्यालय के राज्य मंत्री बने। मंत्री साधन पांडे के निधन के बाद मानस भुइयां को उपभोक्ता संरक्षण विभाग (West Bengal Cabinet Reshuffle) का प्रभारी बनाया गया।

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