छत्तीसगढ़

Vedanta Power Plant Accident : वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच के आदेश, बिलासपुर आयुक्त करेंगे जांच

छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए वेदांता पावर प्लांट हादसा (Vedanta Power Plant Accident) मामले में उच्चस्तरीय जांच का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी आने के कारण दुर्घटना हुई थी। हादसे में कई श्रमिकों की मृत्यु हो गई, जबकि अनेक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए। इस घटना के बाद वेदांता पावर प्लांट हादसा (Vedanta Power Plant Accident) को लेकर सुरक्षा मानकों और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए तय बिंदुओं में हादसा कब और कैसे हुआ, इसके कारण क्या रहे तथा किन परिस्थितियों में दुर्घटना हुई, इसका विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय भी सुझाए जाएंगे। इन सभी पहलुओं की जांच वेदांता पावर प्लांट हादसा (Vedanta Power Plant Accident) के संदर्भ में की जाएगी।

जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूरी कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें। जांच के दौरान तकनीकी खामियों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका का भी परीक्षण किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेदांता पावर प्लांट हादसा (Vedanta Power Plant Accident) में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जाए। साथ ही वेदांता पावर प्लांट हादसा (Vedanta Power Plant Accident) में दोषियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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