छत्तीसगढ़

illegal plots: अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार होगी कार्रवाई- मंत्री अग्रवाल

– सड़क-रेल परियोजनाओं के मुआवजा प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने के निर्देश

रायपुर । illegal plots: प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा है कि देश में अवैध प्लाटिंग करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

राजस्व मंत्री ने कोरबा जिला मुख्यालय में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में अवैध प्लाटिंग करने वाले लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने  के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। बैठक में वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सांसद ज्योत्सना महंत भी शामिल हुई।

राजस्व मंत्री ने कोरबा जिले में बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों और महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा प्रकरणों का भी तेजी से निराकरण करने को कहा।

राजस्व मंत्री ने बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, डायवर्सन आदि कामों को समय सीमा तय कर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व मंत्री ने कहा कि राजस्व अधिकारी अपना सूचना तंत्र सक्रिय करें और शहरी क्षेत्रों में होने वाली अवैध प्लाटिंग (illegal plots) पर विशेष नजर रखें।

उन्होंने अवैध प्लाटिंग के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध प्लाटिंग को रोकने से एक ओर शासन को होने वाली राजस्व हानि को बचाया जा सकेगा। वहीं दूसरी ओर लोग वाजिब दामों पर हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम जैसी शासकीय संस्थाओं के मकान खरीदेंगे जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा और लोग बेवजह की परेशानियों से भी बचेंगे।

राजस्व मंत्री ने कोरबा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की सड़कों और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा वितरण तेज करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने ऐसे सभी विवादित मुआवजा प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत करने के निर्देश दिए।

इस संबंध में उन्होंने बैठक में कहा कि मुआवजा प्रकरणों के जल्द निराकरण से सड़क और रेल परियोजनाओं के काम जल्द शुरू हो पायेंगे और लोगों को शीघ्र ही सहुलियत मिल सकेगी।     श्री अग्रवाल ने जिले में मसाहती गांवों के सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए भी समयबद्ध कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में कोरबा जिले के कलेक्टर श्रीमती कौशल ने बताया कि जिले के 117 मसाहती गांवों में से 112 गांवों का मौका सत्यापन पूरा कर लिया गया है। 91 गांवों का नक्शा आईआईटी रूड़की से रि-नंबरिंग के लिए मिला है जिसमें से 59 गांवों का सीमा सत्यापन और री-नंबरिंग कर नक्शे वापस आईआईटी रूड़की को प्रदाय कर दिये गये हैं।

श्रीमती कौशल ने यह भी बताया कि ग्राम गिद्धमुड़ी, पतुरिया डांड और नवापारा बांगों का प्रथम प्रकाशन भी किया जा चुका है। राजस्व मंत्री ने मसाहती गांवों के सभी भू-अभिलेख सावधानी से तैयार कर प्रकाशन प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री अग्रवाल ने जमीनों के डायवर्सन मामलों में शासन द्वारा बनाई गई नई प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नियम विरूद्ध डायवर्सन करने से बचने की हिदायत भी अधिकारियों को दी। श्री अग्रवाल ने सामाजिक संस्थाओं को भूमि आबंटन के प्रकरणों को भी प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश बैठक में दिए।

  

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