आज बेबाक़

आज बेबाक : खडग़े जी इतनी जोर से खड़के कि संसद की खिड़कियां खड़क गई

Khadge ji shouted so loudly that the windows of the parliament rattled: सही बात तो यह है कि डर सभी को लगता है लेकिन कुछ नेता इस सच को स्वीकारने से डरते हैं कि वे डरपोक हैं। ऐसे डरे हुए लोग सीना ठोंककर जोर-जोर से चिल्लाते हैं कि वे डरने वाले नहीं है।

संसद में वक्फ बिल पर लंबी चर्चा के दौरान ऐसे डरे हुए विपक्षी नेताओं का डर सामने आ गया। खडग़े जी तो इतनी जोर से खड़के कि संसद की खिड़कियां खड़क गई। उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं है। और न ही झुकेंगे। इन निडर लीडरों को यह समझना चाहिए कि डरती हैं दुनिया डराने वाला चाहिए।

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