
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा रणनीतिक कदम उठाने (India-Russia Oil Deal 2026) की तैयारी में है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि भारत एक बार फिर अपने पुराने भरोसेमंद साझेदार Russia की ओर रुख कर सकता है और वहां से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
LNG और तेल आपूर्ति पर नई सहमति (India-Russia Oil Deal 2026)
सूत्रों के मुताबिक भारत और रूस के बीच लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सीधी आपूर्ति फिर से शुरू करने पर सहमति बनती दिख रही है। यह यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार होगा जब रूस सीधे भारत को LNG सप्लाई करेगा। हाल ही में केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri और रूसी उप ऊर्जा मंत्री के बीच हुई बातचीत में इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसके साथ ही रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति भी तेजी से बढ़ सकती है और यह हिस्सा करीब 40% तक पहुंचने का अनुमान है।
होर्मुज तनाव ने बढ़ाई चिंता
मध्य पूर्व में Iran और अमेरिका-इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। खासकर Strait of Hormuz में तनाव ने भारत जैसे देशों की चिंता (India-Russia Oil Deal 2026) बढ़ा दी है, क्योंकि भारत का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी मार्ग से आता है। इस अस्थिरता का असर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और गैस आपूर्ति पर भी देखने को मिला है।
पहले कम की थी रूस से खरीद
कुछ समय पहले भारत ने अमेरिका के साथ व्यापारिक संतुलन बनाए रखने के लिए रूस से तेल आयात में कटौती की थी। उस समय इसे रणनीतिक समझौता माना गया था। लेकिन बदलते वैश्विक हालात और ऊर्जा संकट के चलते अब भारत फिर से अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस के साथ ऊर्जा संबंध मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा है।
आर्थिक जोखिम भी बढ़ सकते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व से सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित रही तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। महंगाई बढ़ सकती है, रुपये पर दबाव आ सकता है और निर्यात में गिरावट देखने को मिल (India-Russia Oil Deal 2026) सकती है। ऐसे में रूस से सस्ता तेल लेना भारत के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनकर उभर रहा है।
भरोसेमंद साझेदारी की वापसी
भारत और रूस के बीच दशकों पुराने संबंध रहे हैं और ऊर्जा क्षेत्र में यह साझेदारी पहले भी दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। मौजूदा वैश्विक संकट के बीच एक बार फिर यही रिश्ते भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।



