दुनियादेश

अमेरिका का नया कदम…भारत को लग सकता है बड़ा झटका; 1.6 अरब डॉलर का निवेश खतरे में..

-अमेरिकी व्यापार पैनल घरेलू विनिर्माण पर पडऩे वाले प्रभाव को लेकर भारत, लाओस और इंडोनेशिया से सौर पैनल आयात की जाँच करेगा

वाशिंगटन। Donald Trump Tariffs: संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक नई जाँच शुरू की है जो भारत सहित कई देशों के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है और भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को और खराब कर सकती है। अमेरिका के इस फैसले से 1.6 अरब डॉलर के उद्योग को नुकसान पहुँचने की संभावना है। अमेरिका भारत, लाओस और इंडोनेशिया से सौर पैनल आयात करता है। अमेरिका अब इस क्षेत्र की जाँच और विश्लेषण करने जा रहा है, जिसके तहत नए टैरिफ लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसका भारत पर ज़्यादा असर पड़ सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि अमेरिका पहले ही भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा चुका है।

https://www.youtube.com/watch?v=HbuJ6-CHWFE&pp=2AYK

चीनी कंपनियों की जाँच

अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से एक जाँच शुरू की। जिसमें चीनी कंपनियाँ मौजूदा टैरिफ से बचने और अमेरिकी बाज़ार (Donald Trump Tariffs) में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए दूसरे देशों का इस्तेमाल कर रही हैं। आईटीसी ने तर्क दिया कि भारत और अन्य देशों से कम लागत वाले आयात में वृद्धि हुई है। जिससे घरेलू उत्पादन कम हो रहा है। स्वच्छ ऊर्जा में अरबों डॉलर का निवेश खतरे में है।

https://www.youtube.com/watch?v=jbgmBjVA6f0

अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड के प्रमुख वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का आईटीसी का फैसला हमारी याचिकाओं में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाओस, इंडोनेशिया और भारत में स्थित अन्य चीनी स्वामित्व वाली कंपनियाँ अवैध रूप से व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, जिससे अमेरिकी नौकरियों और निवेश को नुकसान पहुँच रहा है।

https://www.youtube.com/watch?v=dSUJzsJcolc&pp=2AYh

1.6 अरब डॉलर के उद्योग को नुकसान

जांच के लिए याचिका जुलाई में दायर की गई थी। इसमें फ़स्र्ट सोलर और क्यूएसईसी जैसी प्रमुख सौर कंपनियाँ शामिल हैं। आँकड़ों के अनुसार, इन तीन देशों से आयात 2023 में बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष केवल 28.9 करोड़ डॉलर था। इसमें से अधिकांश आयात उन देशों से आता है जिन पर अमेरिका पहले ही टैरिफ लगा चुका है। इसके अलावा, भारत और अन्य देशों के माध्यम से काम करने वाली चीनी कंपनियों को सरकारी सब्सिडी मिलती है, जिससे वे अपने उत्पादों को अपनी उत्पादन लागत से कम कीमत पर बेच पाती हैं, जो अमेरिकी व्यापार कानूनों का उल्लंघन है।

https://www.youtube.com/watch?v=zvaZgGgifi0&pp=2AYG

जाँच वर्तमान में इन तीन देशों पर केंद्रित है। भारत पहले से ही विभिन्न टैरिफ और वीज़ा प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका के साथ तनाव का सामना कर रहा है, और अब उसे एक और बड़े तनाव का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग इस मामले की जाँच कर रहा है। अंतिम निर्णय 24 दिसंबर को होने की संभावना है।

https://www.youtube.com/watch?v=D25uN0ZyZxc&pp=2AYk

Related Articles

Back to top button