छत्तीसगढ़

Danger Corona : न्यूनतम स्टाफ के साथ कार्यालय संचालित करने के निर्देश जारी

मुंगेली के नवोदय स्कूल में 19 छात्र सहित 24 संक्रमित

रायपुर/नवप्रदेश। Danger Corona : छत्तीसगढ़ में कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। आए दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। इसका असर चारों तरफ नजर आ रहा है। स्कूल हो या कॉलेज, आंगनबाडी हो या ऑफिस, कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। इसी को देखते हुए अब जिला कलेक्टरों को न्यूनतम कर्मचारियों के साथ कार्यालय को संचालित करने के निर्देश जारी हुए हैं।

साथ ही सभी सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों को वैक्सीन लगाना अनिवार्य होगा। वहीं मेडिकल, वॉटर सप्लाई, सफाई और कानून व्यवस्था जैसी सेवाओं में वर्क फ्रॉम होम लागू नहीं होगा।

नवोदय स्कूल में 19 छात्र सहित 24 संक्रमित

इधर, मुंगेली के लोरमी स्थित नवोदय आवासीय स्कूल में 19 छात्र सहित 24 संक्रमित मिले हैं। इनमें 5 शिक्षक शामिल हैं। स्कूल को तत्काल बंद कर दिया गया है। बाकी की जांच की जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर अब रोज जान लेने लगी है। मंगलवार को प्रदेश में चार मरीजों की मौत हो गई। मरने वालों में डेढ़ साल का एक मासूम बच्चा भी शामिल है।

स्कूल और आंगनबाडी केंद्र बंद

दंतेवाड़ा में एक दिन में ही 69 संक्रमित मरीज (Danger Corona) मिले हैं। इनमें एक शिक्षक समेत 7 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने पहली से लेकर 5वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को आज से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।

डेढ़ साल के बच्चे की मौत

बीरगांव निवासी मैकेनिक पिता 9 जनवरी को अपने डेढ़ साल के बच्चे को लेकर राजधानी के एक निजी अस्पताल में पहुंचे थे। अस्पताल में भर्ती करने से पहले प्रोटोकॉल के तहत बच्चे का कोरोना टेस्ट हुआ। इसमें बच्चा कोरोना पॉजिटिव पाया गया। एक दिन भर्ती रखने के बाद निजी अस्पताल ने बच्चे को रायपुर एम्स रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान मंगलवार को बच्चे की मौत हो गई।

बच्चे भी संक्रमित

कोरोना की तीसरी लहर ने बड़ी संख्या में बच्चों को अपनी चपेट में लिया है। बताया जा रहा है कि कुल संक्रमितों में करीब 15 फीसदी की उम्र 18 साल से कम है। इस मान से प्रदेश भर में संक्रमित बच्चों की संख्या 3500 के आसपास होती है। इस लहर में किसी बच्चे की यह पहली मौत है। दूसरी लहर के दौरान भी कई बच्चों की जान गई थी।

मंगलवार को जिन तीन अन्य मरीजों की मौत (Danger Corona) हुई वे रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों के थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उन मरीजों को दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां उनमें कोरोना संक्रमण की भी पुष्टि हुई थी। इलाज के दौरान उन लोगों ने दम तोड़ दिया। प्रदेश में इस महामारी की वजह से अब तक 13 हजार 623 लोगों की जान जा चुकी है।

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