छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Electricity Theft Case : तहसीलदार व CMO समेत 18 सरकारी क्वार्टरों की बिजली काटी, इस तरह हो रही बिजली सप्लाई

सक्ती जिले के जैजैपुर ब्लॉक मुख्यालय स्थित सरकारी जीएडी कॉलोनी में बड़ा मामला सामने आया है। यहां तहसीलदार, नगर पंचायत CMO समेत 18 आवासों के बिजली कनेक्शन (Chhattisgarh Electricity Theft Case) काट दिए गए हैं। आरोप है कि कॉलोनी के अधिकांश घरों में वर्षों से बिजली मीटर ही नहीं लगे थे और सीधी लाइन से सप्लाई ली जा रही थी। विभागीय जांच में यह बात पुष्ट होने के बाद बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

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सरकारी कर्मचारी भी शामिल

सूत्रों के अनुसार जैजैपुर की जीएडी कॉलोनी में कुल 44 आवास हैं। इनमें से केवल 6–7 घरों में ही बिजली मीटर लगे हुए थे, जबकि बाकी घरों में पिछले चार साल से बिना मीटर के बिजली का उपयोग हो रहा था। बिजली विभाग के जेई योगेश श्रीवास ने बताया कि कॉलोनी के अधिकांश घरों में अनियमितताएं मिलीं।

कई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भी बिना मीटर के बिजली उपयोग करते पाए गए। विभाग ने सभी को मीटर लगाने और बकाया बिल जमा करने का निर्देश जारी किया है। बिजली चोरी के मामलों में पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।

(Chhattisgarh Electricity Theft Case) विभाग तुरंत हरकत में आया

बिजली चोरी की यह खबर डिजिटल मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभाग सक्रिय हुआ। जांच टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ियां निकलते ही 18 घरों के कनेक्शन काटने का निर्णय लिया गया। इसमें तहसीलदार और नगर पंचायत CMO के सरकारी आवास भी शामिल हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर बकाया बिल जमा नहीं करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

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18 घरों के कनेक्शन काटे गए

जेई श्रीवास ने बताया कि तहसीलदार, CMO और 16 अन्य अधिकारी–कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। कुल 18 आवासों को तत्काल प्रभाव से डिस्कनेक्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर दो दिन बाद FIR दर्ज करवाई जाएगी। सभी को मीटर लगाना अनिवार्य है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों का बिल बकाया होने पर विभाग तुरंत कनेक्शन काट देता है, जबकि सरकारी कॉलोनी में चार साल से बिना मीटर बिजली उपयोग हो रहा था।

यह मामला विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब यह देखना है कि दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई होती है या नहीं। मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग की जांच और तेज हुई। चार साल से चल रही इस कथित बिजली चोरी का मुद्दा अब खुलकर सामने आ गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद कॉलोनी में भी हलचल मची हुई है।

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