Spleen enlargement: तिल्ली का बढ़ जाना, स्वदेशी चिकित्सा पद्धति काफी कारगर

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Spleen enlargement

Spleen enlargement: इस रोग का मुख्य कारण तिल्ली आकार का बढ़ जाना है। इसमें तिल्ली के स्थान पर सूजन आ जाती है तथा रोगी को बुखार के से लक्षण हो जाते हैं। तिल्ली (Spleen enlargement) बढ़ जाने का उपचार – तिल्ली बढ़ जाने में स्वदेशी चिकित्सा पद्धति काफी कारगर रहती है।

  • कच्चे बथुए का रस निकालकर अथवा बथुए को उबालकर उसका पानी पीने से तिल्ली ठीक हो जाती है। इसमें स्वादानुसार नमक भी मिला सकते हैं।
  • लम्बे बैंगनों की सब्जी नियमित खाने से बढ़ी हुई तिल्ली को लाभ होगा। पहाड़ी नींबू दो भागों में काटकर उसमें थोड़ा-सा काला नमक मिश्रित कर अंगीठी की आंच पर हल्का गर्म करके चूसने से लाभ होता है ।
  • 25 ग्राम करेले के रस में थोड़ा-सा पानी मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती है।
  • खट्टे और भारी खाद्य-पदार्थों से रोगी को बचना चाहिए। तले हुए और मसालेदार भोजन से भी रोगी को परहेज करना चाहिए। 

छोटे कागजी नींबू को चार भागों में काट लें। एक भाग में काली मिर्च, दूसरे भाग मे काला नमक, तीसरे मे सौंठ और चौथे में मिश्री अथवा चीनी भर दें। रात भर के लिए ढककर रख दें प्रातःकाल जलपान करने से एक घंटा पूर्व हल्की आंच पर गर्म करके चूसने से तिल्ली को लाभ होगा।

गुड़ और बड़ी हरड़ के छिलकों को कूट-पीसकर गोलियों बना लें। प्रातः सायं हल्के गर्म पानी से एक महीने तक सेवन करने से बढ़ी हुई तिल्ली (Spleen enlargement) ठीक हो जाती है।  तिल्ली के विकार में नियमित रूप से पपीते का सेवन लाभदायक है। 

गाजर (Spleen enlargement) में राई आदि मिलाकर बनाया गया अचार खिलाने से बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती है।  आम का रस भी तिल्ली की सूजन और इसके घाव को ठीक करता है। 70 ग्राम आम के रस में 15 ग्राम शहद मिलाकर प्रातःकाल सेवन करते रहने से दो-तीन सप्ताह में तिल्ली ठीक हो जाती है। निरन्तर इसका प्रयोग करते समय खटाई से बचें।

– छोटे कागजी नींबू को दो भागों में बांट लें। एक भाग में काली मिर्च, दूसरे भाग में काला नमक भरकर रात भर के लिए ढककर रख दें। प्रातःकाल जलपान से एक घंटा पहले हल्की आंच पर गरम करके चूसने से लाभ होता है। 

पेट पर लगातार एक माह तक चिकनी गीली मिट्टी लगाते रहने से भी तिल्ली रोग (Spleen enlargement) में लाभ होता है। अजवायन के चूर्ण में आधा ग्राम सेंधा नमक मिलाकर चूर्ण बना लें। भोजन के पश्चात् गर्म पानी से कुछ दिन तक सेवन करने से तिल्ली के विकार दूर होते हैं।


note : यह उपाय इंटरनेट के माध्यम से संकलित हैं कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करके ही उपाय करें ।

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