Smart Electricity Meter : स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ता बिजली बिल… रीयल टाइम खपत की जानकारी से उपभोक्ता कर सकेंगे बचत
रायपुर। स्मार्ट बिजली मीटर (Smart Electricity Meter) को लेकर उपभोक्ताओं में बिल बढ़ने की आशंका को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने गलत बताया है। कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर बिजली बिल नहीं बढ़ाते, बल्कि वास्तविक खपत के आधार पर सटीक बिलिंग, रीयल टाइम बिजली उपयोग की जानकारी और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से अपने घर की बिजली खपत की जानकारी हर आधे घंटे में देख सकते हैं। इससे उन्हें यह पता चलता रहता है कि किस समय कितनी बिजली खर्च हो रही है और जरूरत के अनुसार खपत को नियंत्रित किया जा सकता है।
रीयल टाइम जानकारी से मिलेगी बिजली बचाने में मदद
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने बताया कि स्मार्ट मीटर वास्तविक समय की रीडिंग उपलब्ध कराते हैं, जिससे बिलिंग में त्रुटि की संभावना खत्म हो जाती है।
पुराने मीटर में उपभोक्ताओं को पूरे महीने की खपत का पता बिल आने के बाद चलता था, लेकिन स्मार्ट मीटर में हर आधे घंटे की बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध रहती है। इससे उपभोक्ता अपनी दैनिक बिजली खपत पर नजर रखकर अनावश्यक उपयोग को कम कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि बिजली की खपत नियंत्रित करने से ऊर्जा की बचत के साथ बिजली बिल में भी कमी लाई जा सकती है।
बिजली की दर स्मार्ट मीटर नहीं, टैरिफ स्लैब से तय होती है
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल में बढ़ोतरी का कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि बिजली खपत के अनुसार लागू टैरिफ स्लैब होता है। वर्तमान में बिजली दरें इस प्रकार हैं-
0 से 100 यूनिट तक – 4.40 रुपये प्रति यूनिट
101 से 200 यूनिट तक – 4.50 रुपये प्रति यूनिट
201 से 400 यूनिट तक – 6 रुपये प्रति यूनिट
401 से 600 यूनिट तक – 7 रुपये प्रति यूनिट
600 यूनिट से अधिक खपत पर – 8.80 रुपये प्रति यूनिट
जैसे-जैसे बिजली की खपत बढ़ती है, उपभोक्ता उच्च स्लैब में पहुंच जाते हैं और नियमानुसार प्रति यूनिट दर बढ़ जाती है। इसका स्मार्ट मीटर से कोई संबंध नहीं है।
गर्मी में बढ़ी खपत, ऐप से रख सकेंगे निगरानी
अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी के कारण एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली खपत बढ़ी है। ऐसे समय में स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं।
ऐप के माध्यम से उपभोक्ता लगातार अपनी बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं और जरूरत के अनुसार उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं।
एम-ऊर्जा योजना का लाभ लेने वालों के लिए उपयोगी
एम-ऊर्जा (हाफ बिजली योजना) का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप काफी उपयोगी हैं।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी परिवार की मासिक बिजली खपत 390 यूनिट है तो उसे योजना का पूरा लाभ मिलेगा। लेकिन एसी, कूलर या अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से यदि खपत बढ़कर 410 यूनिट हो जाती है तो वह निर्धारित सीमा से बाहर हो जाएगा और उसे सामान्य टैरिफ के अनुसार बिल का भुगतान करना होगा।
इसलिए उपभोक्ता ऐप के माध्यम से अपनी खपत पर नजर रखकर योजना का लाभ लगातार प्राप्त कर सकते हैं।
शिकायत के लिए 1912 पर कर सकते हैं संपर्क
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1912 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों की नियमानुसार जांच की जाती है। कंपनी के अनुसार जांच में स्मार्ट मीटर से संबंधित कई शिकायतें सही नहीं पाई गई हैं।
सूर्यघर योजना से बिल कम करने की अपील
प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने उपभोक्ताओं से प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाकर उपभोक्ता अपने बिजली बिल को काफी कम कर सकते हैं और कई मामलों में इसे शून्य तक ला सकते हैं।



