Shivratri Auspicious Yog : नौ साल बाद ऐसा संयोग, एक ही रात बदल सकता है भाग्य का गणित

हर वर्ष यह पर्व आता है, लेकिन इस बार आकाश में बन रही ग्रहों की चाल कुछ अलग संकेत (Shivratri Auspicious Yog) दे रही है। पंचांग की गणनाओं में छिपा ऐसा संयोग सामने आया है, जो केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और व्यक्ति – तीनों के लिए खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह रात साधारण नहीं रहने वाली।

वाराणसी में महाशिवरात्रि को लेकर विशेष चर्चा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि पर सर्वार्थसिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। पर्व के दिन रविवार, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वनिज के बाद शकुनी करण और मकर राशि में चंद्रमा की स्थिति पंचांग को विशेष बना रही है। इसके साथ ही नौ वर्षों बाद सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र और राहु एक साथ कुंभ राशि में पंचग्रही योग बना रहे हैं।

बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर सुभाष पांडेय के अनुसार, महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की रात्रिव्यापिनी चतुर्दशी में मनाई (Shivratri Auspicious Yog) जाती है। इस बार चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी रविवार को शाम 4:23 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी को सायंकाल 5:10 बजे तक रहेगी। इस पावन अवसर पर भगवान शिव को बिल्वपत्र, धतूरा, जल और दूध अर्पित कर पंचाक्षरी मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है।

ज्योतिर्विद दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि इस महाशिवरात्रि पर चार शक्तिशाली राजयोग एक साथ सक्रिय (Shivratri Auspicious Yog) हो रहे हैं। सूर्य और बुध की युति से बनने वाला बुधादित्य राजयोग मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाएगा। वहीं शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा, जो धन, समृद्धि और व्यापारिक लाभ का संकेतक है।

इसके अलावा सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग बन रहा है, जो कला, रचनात्मकता और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा। शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान होने के कारण ‘शश’ नामक महापुरुष राजयोग का निर्माण कर रहे हैं, जिसका प्रभाव न्याय व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिरता और दीर्घकालिक निर्णयों पर पड़ने वाला बताया गया है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मिथुन, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए यह महाशिवरात्रि अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जबकि मेष, वृश्चिक और सिंह राशि वालों को मध्यम फल प्राप्त होंगे। वृषभ और तुला राशि वालों पर शुक्र की युति का विशेष सकारात्मक प्रभाव रहने की संभावना जताई गई है।

Exit mobile version