Sharad Pawar : कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा पर आखिर क्यों बोलना पड़ा शरद पवार को, खुद कर दिया पूरा मामला साफ

महाराष्ट्र की सियासत में पिछले कुछ दिनों से एक चर्चा लगातार (Sharad Pawar) तेज थी। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा था कि क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार का भविष्य अब कांग्रेस के साथ जुड़ने वाला है। नेताओं के बयानों के बीच कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी इस मुद्दे को लेकर अलग अलग तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
इसी बीच सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए शरद पवार ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी के कांग्रेस में विलय की कोई योजना नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि पार्टी में किसी तरह की टूट की संभावना भी नहीं है।
विलय की अटकलों को शरद पवार ने किया खारिज Sharad Pawar
एनसीपी शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस में पार्टी के विलय की चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि न तो उनकी पार्टी कांग्रेस में शामिल होने जा रही है और न ही संगठन में किसी प्रकार का विभाजन होने वाला है। उनके बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।
कांग्रेस नेता के बयान से शुरू हुई थी चर्चा
इस पूरे मामले की शुरुआत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के बयान के बाद हुई थी। उन्होंने दावा किया था कि शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी का जल्द कांग्रेस में विलय हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस विषय पर दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि शरद पवार ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव या फैसला नहीं है।
कब बनी थी अलग पार्टी
शरद पवार ने वर्ष 1999 में कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी की स्थापना (Sharad Pawar) की थी। लंबे समय तक यह पार्टी महाराष्ट्र की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाती रही।
2023 में हुआ था बड़ा राजनीतिक बदलाव
साल 2023 में पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब अजित पवार ने अलग राह अपनाई। इसके बाद पार्टी दो हिस्सों में बंट गई। अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट महायुति गठबंधन का हिस्सा बन गया, जबकि शरद पवार ने एनसीपी शरदचंद्र पवार के नाम से नया संगठन बनाया और महाविकास अघाड़ी के साथ अपनी राजनीतिक भूमिका जारी रखी।
अब शरद पवार के ताजा बयान के बाद कांग्रेस में विलय की चर्चाओं पर फिलहाल विराम (Sharad Pawar) लग गया है और उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनकी पार्टी अपनी अलग राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़ेगी।



