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SECL Project : परियोजना प्रभावित परिवारों के लिए राहत की खबर, अब 95 लोगों को मिलेगा रोजगार

सूरजपुर जिले में गायत्री भूमिगत परियोजना से प्रभावित परिवारों के बीच शुक्रवार को नई उम्मीद देखने (SECL Project) को मिली। लंबे समय से रोजगार और पुनर्वास को लेकर इंतजार कर रहे लोगों के बीच बैठक के बाद हलचल बढ़ गई। प्रभावित गांवों के कई लोग फैसले को लेकर चर्चा करते नजर आए। लोगों का कहना है कि अब रोजगार प्रक्रिया आगे बढ़ने से प्रभावित परिवारों को राहत मिल सकती है।

तहसील सूरजपुर के केतका स्थित गायत्री भूमिगत परियोजना को लेकर जिला पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमिस्वामियों और आश्रितों को रोजगार और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जोबगा गांव के प्रभावितों पर फोकस : SECL Project

बैठक में ग्राम जोबगा की अधिग्रहित निजी जमीन से जुड़े भूमिस्वामियों और आश्रितों के रोजगार मामले पर विचार किया गया। कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत प्रभावित परिवारों को रोजगार देने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई। प्रभावित लोगों को नीति में दिए गए दो विकल्पों में से किसी एक विकल्प को चुनने का अवसर दिया गया।

वरीयता सूची के आधार पर बनी सहमति

बैठक के दौरान घटते क्रम में वरीयता सूची के विकल्प पर समिति ने सहमति जताई। अब इसी निर्णय के आधार पर प्रभावित परिवारों को रोजगार देने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार सभी आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

बड़ी मात्रा में हुई भूमि अधिग्रहित

जानकारी के अनुसार गायत्री भूमिगत परियोजना के लिए कुल 288.209 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित (SECL Project) की गई है। इसमें 220.784 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। परियोजना से जोबगा, गेतरा और पोड़ी गांव प्रभावित हुए हैं।

करोड़ों का मुआवजा अभी बाकी

ग्राम जोबगा में करीब 77.69 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा तय होने के समय यहां 168 खातेदार थे, जबकि अधिग्रहण के समय 161 खातेदार दर्ज किए गए। निजी भूमि के लिए कुल 20.17 करोड़ रुपये मुआवजा (SECL Project) तय किया गया है। अब तक 42 खातेदारों को 7.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 126 खातेदारों को 13.08 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बाकी बताया गया है।

95 रोजगार का मिलेगा लाभ

बैठक में बताया गया कि कोल इंडिया पुनर्वास नीति 2012 के तहत परियोजना प्रभावितों के लिए कुल 95 रोजगार का प्रावधान रखा गया है। समिति ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिलाने और पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

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