
नए शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही प्रदेश के कई जिलों में स्कूल फीस को लेकर चर्चा तेज (School Fees) हो गई है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पालक अब बढ़े हुए स्थानीय शुल्क को लेकर जानकारी जुटाते नजर आ रहे हैं। स्कूलों के बाहर और शिक्षा दफ्तरों में भी इसी फैसले को लेकर हलचल बनी रही। कई अभिभावकों का कहना है कि पहले से बढ़ते खर्च के बीच यह अतिरिक्त राशि उनके बजट पर असर डाल सकती है।

ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक इस बदलाव की खबर तेजी से फैल रही है। विद्यार्थियों के बीच भी नए शुल्क को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद स्कूल प्रबंधन अब नए सत्र की तैयारियों में जुट गए हैं और अभिभावकों को नई दरों की जानकारी दी जा रही है।
हाई स्कूल विद्यार्थियों के लिए बढ़ा स्थानीय शुल्क : School Fees
स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2026 27 के लिए स्थानीय शुल्क में संशोधन संबंधी आदेश जारी किया है। इसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब 410 रुपये की जगह 500 रुपये जमा करने होंगे। यानी इस वर्ग के छात्रों पर 90 रुपये का अतिरिक्त भार बढ़ेगा।
उच्चतर माध्यमिक विद्यार्थियों को भी ज्यादा भुगतान
उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भी शुल्क बढ़ाया गया है। पहले जहां 445 रुपये जमा किए जाते थे, अब यह राशि बढ़ाकर 550 रुपये कर दी गई है। इस श्रेणी के विद्यार्थियों को 95 रुपये अधिक देने होंगे।
इन स्कूलों में भी लागू रहेगा आदेश
शिक्षा विभाग की ओर से जारी यह व्यवस्था सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं (School Fees) रहेगी। स्वामी आत्मानंद स्कूलों और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में भी यही नई शुल्क दरें लागू की जाएंगी। विभाग ने कहा है कि विद्यालयों के संचालन और दूसरी आवश्यक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है।
प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों पर असर
प्रदेश में करीब 56 हजार स्कूल संचालित हैं जहां लगभग 56 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 44 लाख से ज्यादा छात्र सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बताए (School Fees) गए हैं। ऐसे में स्थानीय शुल्क में हुई बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।



