Ram Mandir Trust : चढ़ावे की चोरी पर पहली बार बोले महंत नृत्यगोपालदास, कहा दोषियों को मिले कड़ी सजा, आज होगी अहम बैठक
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं के बीच चिंता और नाराजगी का माहौल है। इसी बीच ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक से पहले अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास का पहला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
महंत के बयान के बाद अब सभी की निगाहें आज होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में चोरी के मामले के साथ ट्रस्ट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है।
चोरी की घटना से दुख जताया Ram Mandir Trust
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने कहा कि श्रीराम लला के मंदिर में दान की चोरी की घटना से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जिसने भी यह कृत्य किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीति से दूर रखने की अपील
महंत नृत्यगोपालदास ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस मामले का किसी भी तरह से राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से संयम बनाए रखने और निष्पक्ष कार्रवाई पर भरोसा रखने की बात कही।
आज होगी ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक
चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद आज राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आयोजित (Ram Mandir Trust) की जाएगी। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है।
इस्तीफों पर होगा अंतिम निर्णय
चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि अभी तक इन इस्तीफों को मंजूरी नहीं मिली है। ट्रस्ट की बैठक में इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
ट्रस्ट की बैठक पर टिकीं निगाहें
राम मंदिर ट्रस्ट का गठन वर्ष 2020 में किया गया था। वर्तमान में ट्रस्ट में 14 सदस्य हैं और इसकी बैठक हर तीन महीने में आयोजित (Ram Mandir Trust) होती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आज की बैठक में चोरी के मामले और ट्रस्ट के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर क्या फैसला लिया जाता है।



