
राजधानी की पुलिसिंग को नए ढांचे में ढालने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले लिए गए हैं, जिनका असर आने वाले दिनों में सीधे कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर दिखाई देगा।



छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का बड़ा तबादला आदेश जारी किया (Raipur Police Commissionerate) गया है। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 24 पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें डीसीपी स्तर की अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।
सरकार की मंशा है कि कमिश्नरेट सिस्टम के तहत जोनवार पुलिसिंग को मजबूत किया जाए, ताकि अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और साइबर क्राइम जैसे क्षेत्रों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
नई पदस्थापनाएं इस प्रकार हैं
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायपुर शहर तारकेश पटेल को एडिशनल डीसीपी मध्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायपुर राहुल देव शर्मा को एडिशनल डीसीपी पश्चिम बनाया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण रायपुर आकाश मरकाम को एडिशनल डीसीपी उत्तर के पद पर पदस्थ किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नवा रायपुर विवेक शुक्ला को एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक की कमान दी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पश्चिम रायपुर डी. आर. पोर्ते को भी एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी (Raipur Police Commissionerate) सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे गौरव मंडल को अपराध एवं साइबर शाखा का प्रभारी बनाया गया है।
अनुज गुप्ता को भी अपराध और साइबर से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर अर्चना झा को एडिशनल डीसीपी हेडक्वार्टर नियुक्त किया गया है।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह प्रशासनिक फेरबदल कमिश्नरेट सिस्टम को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में जरूरी कदम (Raipur Police Commissionerate) है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।



