Power Transformer : आधी सदी से बिना रुके दे रहा बिजली का साथ, आज भी प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था का बना मजबूत आधार

तकनीक हर दिन बदल रही है, लेकिन मध्य प्रदेश में एक ऐसा बिजली उपकरण आज भी पूरी मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा (Power Transformer) रहा है, जिसने पांच दशक पहले काम शुरू किया था। समय के कई बदलाव देखने के बाद भी इसकी कार्यक्षमता बरकरार है और यह आज भी हजारों उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

सारंगपुर स्थित इस ट्रांसफार्मर की लंबी सेवा अवधि अब तकनीकी दक्षता और बेहतर रखरखाव की मिसाल बन चुकी है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी इसे संसाधनों के प्रभावी उपयोग का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं।

50 वर्षों से लगातार दे रहा सेवा Power Transformer

राजगढ़ जिले के सारंगपुर स्थित मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के सब स्टेशन में लगा 20 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर वर्ष 1976 में पहली बार चालू किया गया था। सरकारी कंपनी एनजीईएफ द्वारा निर्मित यह ट्रांसफार्मर पिछले 50 वर्षों से औद्योगिक, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को लगातार बिजली आपूर्ति में योगदान दे रहा है।

तय आयु से दोगुना चला ट्रांसफार्मर

विद्युत क्षेत्र के मानकों के अनुसार किसी पावर ट्रांसफार्मर की सामान्य उपयोगी आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है। इसके बावजूद सारंगपुर का यह ट्रांसफार्मर 50 वर्ष पूरे कर चुका है, जो तकनीकी दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ऊर्जा मंत्री ने बताया प्रेरणादायक उदाहरण

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में यह ट्रांसफार्मर संसाधनों के बेहतर उपयोग का प्रेरक (Power Transformer) उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मशीन नहीं, बल्कि उन अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों की वर्षों की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है, जिन्होंने इसकी कार्यक्षमता को लगातार बनाए रखा।

बेहतर रखरखाव बना लंबी उम्र की वजह

अधिकारियों के अनुसार नियमित परीक्षण, समय पर मेंटेनेंस, संतुलित लोड प्रबंधन और तकनीकी मानकों का पालन इस ट्रांसफार्मर की लंबी सेवा अवधि का सबसे बड़ा कारण रहा है। साथ ही संबंधित फीडरों के बेहतर रखरखाव से बाहरी फॉल्ट और तकनीकी दबाव भी कम हुआ, जिससे इसकी विश्वसनीयता बनी रही।

एनजीईएफ के 20 ट्रांसफार्मर अब भी हैं सक्रिय

मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के नेटवर्क में वर्तमान में एनजीईएफ द्वारा निर्मित 20 ट्रांसफार्मर अब भी कार्यरत हैं। इनमें एक 160 एमवीए, पांच 40 एमवीए और 14 ट्रांसफार्मर 20 एमवीए क्षमता (Power Transformer) के हैं। ये सभी 30 से 50 वर्ष तक सफलतापूर्वक सेवा देकर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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