Mohit Galfat Murder Case Betul: परिजनों की शिकायत पर आठनेर थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई थी
बैतूल/नवप्रदेश। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला (Mohit Galfat Murder Case Betul) सामने आया है। भारतीय वायु सेना में चयन होने के बाद देश सेवा का सपना देख रहे युवक मोहित गलफट की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस जघन्य हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतक का सगा जीजा ही निकला, जिसने जमीन के लालच और पुरानी रंजिश के चलते दो सहयोगियों के साथ मिलकर अपने साले की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में जीजा समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जमीन का लालच और रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 25 जुलाई की रात ग्राम पुसली निवासी मोहित गलफट (Mohit Galfat Murder Case Betul) अचानक गायब हो गया था। परिजनों की शिकायत पर आठनेर थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एसडीआरएफ और पुलिस की टीम को खेत के एक कुएं से मोहित का शव बरामद हुआ, जिसके गले में एल्यूमीनियम का तार लिपटा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
पुलिसिया जांच में सामने आया कि:
जीजा की बुरी नजर: मृतक मोहित की बहन ने राजा मस्की से प्रेम विवाह किया था। राजा की नजर अपने ससुर की 7 से 8 एकड़ की कीमती कृषि भूमि पर थी। उसे लगता था कि मोहित के रास्ते से हटने के बाद पूरी जमीन उसकी पत्नी (और उसके) अधिकार में आ जाएगी।
पुरानी दुश्मनी: मामले के सह-आरोपी संजय और आकाश के परिवार का भी मृतक के परिवार से खेत, पानी और सिंचाई की पाइपलाइन को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा था।
26 जुलाई को जाना था ट्रेनिंग पर
आरोपियों को भली-भांति जानकारी थी कि मोहित का चयन भारतीय वायु सेना में हो चुका है और वह 26 जुलाई को अपनी ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) के लिए रवाना होने वाला है। आरोपियों को डर था कि एक बार मोहित नौकरी पर चला गया और प्रशासनिक रूप से मजबूत हो गया, तो वे कभी उसकी जमीन पर कब्जा नहीं कर पाएंगे। इसी हड़बड़ी में उन्होंने मोहित के जाने से ठीक एक दिन पहले (25 जुलाई) ही हत्या का खौफनाक षड्यंत्र रच डाला।
मंदिर से लौटते वक्त बिछाया मौत का जाल
Mohit Galfat Murder Case Betul: 25 जुलाई की रात मोहित गांव के मंदिर में पूजा का प्रसाद चढ़ाने के लिए मिठाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान साजिश के तहत संजय और आकाश उसे दूसरे मंदिर चलने का बहाना बनाकर खेत की झोपड़ी में ले गए, जहाँ जीजा राजा मस्की पहले से घात लगाकर बैठा था। तीनों ने मिलकर एल्यूमीनियम के तार से मोहित का गला घोंट दिया और शव को बोरी में भरकर खेत के कुंए में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने जूते दूर फेंक दिए थे, लेकिन उनकी एक गलती भारी पड़ी—मृतक का मोबाइल झोपड़ी में ही छूट गया, जो पुलिस के लिए सबसे अहम तकनीकी साक्ष्य साबित हुआ।
आरोपी सलाखों के पीछे
वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या का पर्दाफाश करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है: -राजा मस्की (मृतक का जीजा), -संजय उर्फ पिंटिया गलफट, -आकाश गलफट । तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस साजिश में शामिल अन्य संभावित संदिग्धों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। एक होनहार युवा की इस तरह हुई नृशंस हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
