Potato Onion Price Crash : थोक से चिल्हर तक कीमतें टूटी….! आलू-प्याज में रिकार्ड क्रैश

आलू-प्याज के बंपर उत्पादन के चलते बाजार में कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। थोक से लेकर चिल्हर बाजार तक लगातार राहत का रुझान बना हुआ है।
मौजूदा बाजार स्थिति पर गौर करें तो आलू-प्याज रिकॉर्ड क्रैश (Potato Onion Price Crash) के स्तर पर पहुंच गए हैं। थोक बाजार में आलू-प्याज 5 से 15 रुपये किलो तक मिल रहा है, जबकि चिल्हर में क्वालिटी के अनुसार 15 से 25 रुपये किलो तक उपलब्ध है, जो केंद्र की खुदरा रिपोर्ट से भी कम है।
नई फसल की आवक बढ़ी — कीमतों में राहत जारी
व्यापारियों का कहना है कि आलू-प्याज की नई फसल (Potato Onion Price Crash) बड़ी मात्रा में बाजार में उतरने लगी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनवरी में जहां थोक भाव 30 रुपये किलो थे, वहीं अब यह 15 रुपये से नीचे तक पहुंच गए हैं।
उत्पादन बेहतर रहने की वजह से अनुमान है कि आलू की कीमतों में आने वाले महीनों तक राहत बनी रह सकती है। बांग्लादेश सहित कई देशों को निर्यात में कमी और सीमा नियंत्रण ने भी घरेलू बाजार की सप्लाई बढ़ाई, जिसके कारण उपभोक्ता स्तर पर मूल्य गिरावट और ज्यादा दिखाई दे रही है।
बंगाल-यूपी से भारी आवक, मांग कम
भानपुरी स्थित आलू-प्याज के सबसे बड़े थोक मंडी में रोज 20 से 25 ट्रकों की आमद दर्ज हो रही है। थोक व्यापारी संघ भनपुरी के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में 80% से अधिक खेप प. बंगाल व उत्तरप्रदेश से आ रही है, जबकि मध्यप्रदेश से भी आवक जारी है।
राजधानी के डूमतराई थोक बाजार सहित कई जिलों में बाहरी राज्यों से सप्लाई तेज होने के कारण दाम नीचे बने हुए हैं। डिमांड कम और सप्लाई ज्यादा होने से बाजार में थोक से चिल्हर तक गिरावट (Potato Onion Price Crash) स्थिर बनी हुई है।
होटल-रेस्टोरेंट में दाम जस के तस
दिलचस्प बात है कि बाजार में सब्जियों के सस्ते होने का असर होटल-रेस्टोरेंट में फिलहाल नजर नहीं आ रहा। वेज थाली और सब्जियों के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट भी इसे पुष्ट करती है — रिपोर्ट के अनुसार नवंबर में घरेलू वेज थाली 13.4% सस्ती हुई। वहीं आलू औसतन 29% और प्याज लगभग 53% तक सस्ते हुए, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है।



