छत्तीसगढ़

Opium Farming Case : बलरामपुर में अवैध अफीम खेती का बड़ा खुलासा, 4.75 करोड़ की फसल जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार

जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती के बड़े मामले का खुलासा (Opium Farming Case) हुआ है। पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 3.67 एकड़ जमीन पर उगाई गई अफीम की फसल जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में कुछ लोग अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी और एसएफएल टीम के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पाई गई, जहां कई लोग उसकी निगरानी करते मिले।

मौके से पुलिस ने अफीम के पौधों के साथ-साथ दो डिब्बों में भरा अफीम का लासा और कई बोरियों में सूखे फल (Opium Farming Case) बरामद किए। जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित कुल 4344.569 किलोग्राम अफीम जब्त की गई। बरामद सामग्री को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

7 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने रूपदेव राम भगत, कौशिल भगत, मनोज कुमार, जिरमल मुंडा, उपेन्द्र कुमार, विंदेश्वर और कृष्णा सिंह को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

3.67 एकड़ में उगाई जा रही थी अफीम

जिला प्रशासन के अनुसार त्रिपुरी क्षेत्र में करीब 1.488 हेक्टेयर (3.67 एकड़) जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में पड़ती के रूप में दर्ज है। न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में फसल जब्त कर विधिवत कार्रवाई की गई।

जिले में सघन जांच अभियान जारी

कलेक्टर Rajendra Katara ने बताया कि जिले में पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में सघन जांच अभियान (Opium Farming Case) चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की खेती के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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