PDS Case In Assembly : पूर्व सीएम ने पीडीएस का मामला उठाया, अमरजीत बोले- कोई माई का लाल एक दाना भी नहीं खा सकता

PDS Case In Assembly : पूर्व सीएम ने पीडीएस का मामला उठाया, अमरजीत बोले- कोई माई का लाल एक दाना भी नहीं खा सकता

रायपुर/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ विधानभा के बजट सत्र में सोमवार को छग के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शून्य काल में स्थगन प्रस्तुति की सूचना के माध्यम से एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए सरकार के पीडीएस योजना में हजारों करोड़ की गड़बड़ी का सीधा आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि खुद खाद्य मंत्री ने 149 करोड़ की गड़बड़ी पाये जाने की बात स्वीकार की है। वसूली सिर्फ  चार करोड़ की गई। कम से कम 600 करोड़ के घोटाले का मामला (PDS Case In Assembly) है। कुल राशन दुकानों में से 40 प्रतिशत दुकानों में गड़बड़ी पाई गई है। काम रोक कर चर्चा कराई जाए। उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने पक्ष विपक्ष के व्यक्तव्य सुनने के बाद स्थगन को प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी। 

इस प्रस्ताव का शिवरतन शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, केके बांधी, सौरभ सिंह, रजनीश सिंह, रंजना साहू, धरमलाल कौशिक, नारायण चन्देल ने समर्थन किया। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने आरोप का विरोध करते हुए कहा कि तकनीकी त्रुटि के कारण फर्क दिखा था। गड़बड़ी कुछ पाई गई (PDS Case In Assembly) है।

जिस पर कार्यवाही की गई है। यह भी दावा किया कि कोई माई का लाल एक दाना भी इस योजना में खा नहीं सकता। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस सरकार द्वारा यह सुनियोजित भ्रष्टाचार किया गया है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि 1000 करोड़ की गड़बड़ी है। सरकार ने खाद्य नीति में परिवर्तन कर दिया अपने अनुरूप बनाने का काम किया।

पोर्टल से हटा दिया। मंत्री अमरजीत भगत ने यह स्वीकार किया कि 2007-08 में तत्कालीन सरकार ने  सार्वजिनक वितरण प्रणाली के संचालन तथा इसके कंप्यूटरीकरण हेतु उल्लेखनीय कार्य किया गया था। अपने व्यक्तव्य में गड़बड़ी के आरोपों का जवाब दिया कि हमारी सरकार द्वारा 20 माह के दौरान अंत्योदय राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए व दुरुपयोग रोकने दुकानों में ई-पोस मशीन स्थापित की गई, जिसके कारण जरूर थोड़ी तकनीकी अड़चन (PDS Case In Assembly) आई।

हम स्टॉक की सही गणना करने व अनियमितता रोकने के सरकार द्वारा बेहतर प्रयास किये जा रहे हैं। डॉ.रमन सिंह ने कहा कि हमारी भाजपा सरकार के समय राशन वितरण प्रक्रिया को लीकेज प्रूफ बनाया गया था। हमारी व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट ने देश का मॉडल पीडीएस सिस्टम भी कहा था। हमारी व्यवस्था का अन्य राज्यों ने अनुसरण किया था। 2018 में वर्तमान सरकार के आने के बाद इस सिस्टम में ग्रहण लग गया है।

इस सरकार ने आते ही दो महीने पूरा कोटा और तीसरे महीने पिछले दो माह के शेष चावल स्टॉक को घटा कर बाक़ी कोटा देने की शानदार व्यवस्था को शून्य कर दिया। ताकि उच्च स्तर पर काला बाजारी कराई जा सके। अमरजीत भगत ने कहा कि ऐसी कोई भी व्यवस्था 2018 के पूर्व लागू नहीं थी।

जब ऐसा नियम लागू था ही नहीं तो इसे वर्तमान सरकार द्वारा बदलने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। माह सितम्बर 2022 में दुकानों में बचत स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया तथा माह जनवरी 2023 से 2 माह पूर्व बचत मात्रा के आधार पर उचित मूल्य दुकानों को राशन सामग्री का प्रदाय प्रारंभ कर दिया गया है। हमारी सरकार सभी प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के प्रति सजग है तथा इसके निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

बांधी ने कहा कि तथ्य व प्रमाण सामने आ जायेगा आप स्थगन पर चर्चा करा दीजिए। रंजना साहू ने गंभीर आरोप कांग्रेस पर इस विषय में लगाया जिस पर सत्ता पक्ष ने विरोध किया तो आसंदी ने कही हुई बातों को विलोपित करवा दिया। पक्ष विपक्ष के व्यक्तव्य सुनने के बाद उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने स्थगन को प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी। विपक्षी सदस्य इस व्यवस्था से नाराज होकर नारेबाजी करने लगे। उपाध्यक्ष ने हल्ला गुल्ला के बीच 5 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित भी कर दी।

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