छत्तीसगढ़

OP Choudhary : प्रधानमंत्री की अपील के बाद बदली मंत्री की चाल, अब बिना पायलट गाड़ी के निकलेंगे ओपी चौधरी

रायपुर में बुधवार को सरकारी गलियारों में एक फैसले की खूब चर्चा होती रही। मंत्रालय के आसपास मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सुबह से यही बात चलती रही कि आखिर वित्त मंत्री ने अचानक अपने काफिले को लेकर इतना बड़ा फैसला क्यों लिया। कई लोगों ने इसे बदलते हालात में जिम्मेदारी भरा कदम बताया तो कुछ इसे सादगी का नया संदेश मानते दिखे।

शहर में भी इस फैसले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोग आपस में चर्चा करते रहे कि जब सरकार के बड़े पदों पर बैठे लोग खुद संसाधनों के सीमित उपयोग की बात करेंगे तो उसका असर नीचे तक जरूर दिखाई देगा। खासकर बढ़ते वैश्विक तनाव और ईंधन को लेकर बनी चिंता के बीच इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री की अपील का दिखा असर : OP Choudhary

मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए वैश्विक आर्थिक हालात को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचत और संसाधनों का सोच समझकर उपयोग करने की अपील की थी। अब इसका असर राज्यों में भी दिखाई देने लगा है।

ओपी चौधरी ने लिया बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने फैसला किया है कि हालात सामान्य होने तक वह अत्यंत जरूरी स्थिति को छोड़कर पायलट वाहन और फॉलो गाड़ी का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा की।

सादगी और जिम्मेदारी का संदेश (OP Choudhary)

ओपी चौधरी के इस फैसले को प्रशासनिक सादगी से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे सरकारी स्तर पर संसाधनों के सीमित उपयोग को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा। साथ ही दूसरे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

ऊर्जा बचत पर बढ़ा जोर

सरकार की तरफ से लगातार ईंधन बचाने और जरूरत के मुताबिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है, तब ऊर्जा संरक्षण को लेकर सरकारें ज्यादा गंभीर नजर आ रही हैं।

लोगों के बीच भी हो रही चर्चा

वित्त मंत्री के इस फैसले के बाद आम लोगों के बीच भी बातचीत तेज (OP Choudhary) हो गई है। कई लोग इसे अच्छी शुरुआत बता रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह सरकारी स्तर पर खर्च और ईंधन का उपयोग कम किया जाए तो इसका बड़ा असर दिखाई दे सकता है।

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