Ola Electric Scooter : ओला की बैटरी भी है मेड इन इंडिया! 800 करोड़ का किया निवेश, CEO ने कहा...पढ़ें -

Ola Electric Scooter : ओला की बैटरी भी है मेड इन इंडिया! 800 करोड़ का किया निवेश, CEO ने कहा…पढ़ें

Ola Electric Scooter: Ola's battery is also Made in India! 800 crores invested, the CEO said... read

Ola Electric Scooter

बिजनेस डेस्क/नवप्रदेश। Ola Electric Scooter : ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए पहली स्वदेशी तकनीक लिथियम आयन बैटरी लेकर आई है। कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल ने ट्विटर पर बैटरी लॉन्च करने की घोषणा की।

बैटरी प्रौद्योगिकी के लिए भविष्य की योजनाएं : CEO

एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, “हमारी पहली स्वदेशी रूप से विकसित लिथियम आयन बैटरी। बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति की आधारशिला हैं। हमें अपनी खुद की तकनीक को तेजी से विकसित करने और उत्पादन शुरू करने की जरूरत है। बैटरी प्रौद्योगिकी की भविष्य में और योजनाएँ हैं।

इस लिथियम आयन बैटरी (Ola Electric Scooter) का उत्पादन ओला की गिगाफैक्ट्री से 2023 में शुरू होगा। यह दावा कंपनी की ओर से किया गया है। कंपनी का आगे दावा है कि यह भारतीय तकनीक में बनी पहली इलेक्ट्रिक कार बैटरी है। यह बैटरी उच्च निकल बेलनाकार कोशिकाओं का उपयोग करती है। एनएमसी कैथोड की ओर होगा। ओला इलेक्ट्रिक के मुताबिक एनोड पर ग्रेफाइट और सिलिकॉन का इस्तेमाल किया जाएगा।

भारतीय जलवायु को ध्यान में रखकर किया विकसित

कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि विभिन्न सामग्रियों और रसायनों के उपयोग के कारण इस बैटरी में कम जगह में अधिक ऊर्जा संग्रहित की जा सकती है। साथ ही कंपनी का दावा है कि यह बैटरी अन्य बैटरी के मुकाबले ज्यादा समय तक चलेगी। ओला इलेक्ट्रिक ने कहा है कि इस बैटरी को भारतीय जलवायु को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।

द इकोनॉमिक टाइम्स की गुरुवार की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक ने लिथियम-आयन बैटरी उत्पादन और अनुसंधान में 100 मिलियन का निवेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम आयन बैटरी के विकास का अध्ययन करने के लिए पहले ही 200 कर्मचारियों को काम पर रख चुकी है।

फिलहाल ओला इलेक्ट्रिक के सभी उत्पाद दक्षिण कोरिया में एलजी केम से आयातित बैटरी हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों के उत्पादन में बैटरियों की कीमत सबसे अधिक होती है। कंपनी स्कूटर बनाने की कुल लागत का करीब 30 फीसदी बैटरी पर खर्च करती है।

कंपनी की योजना शुरुआत में 20GWh सेल का उत्पादन शुरू करने की है। ओला वर्तमान में एलजी केम पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए देश में अपनी 60 प्रतिशत बैटरी बनाना चाहती है।

कम गुणवत्ता वाली बैटरी के कारण लगी थी आग

हाल ही में एक के बाद एक इलेक्ट्रिक स्कूटर (Ola Electric Scooter) में आग लग गई। उस समय उनके इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आग लग गई। केंद्र ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला कि कम गुणवत्ता वाली बैटरी के इस्तेमाल के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई। केंद्र ने तब से ओला इलेक्ट्रिक सहित कई इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

COVID-19 LIVE Update