
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर पूर्वी एशिया में तनाव बढ़ा (North Korea Missile Launch) दिया है। शनिवार को उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी समुद्र की दिशा में कई प्रोजेक्टाइल दागे जाने के बाद जापान और दक्षिण कोरिया, दोनों ने अलर्ट जारी कर दिया। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च को लेकर आपात प्रतिक्रिया शुरू की और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए।
जापान की सरकार ने साफ किया कि लॉन्च के बाद सूचना जुटाने, उसका विश्लेषण करने और जनता तक समय पर अपडेट पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। जापान के आधिकारिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने 14 मार्च 2026 को इस लॉन्च के बाद विशेष निर्देश जारी किए।
दक्षिण कोरिया ने कहा, 10 के करीब मिसाइलें दागी गईं
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक उत्तर कोरिया ने शनिवार दोपहर प्योंगयांग के सुनान क्षेत्र के पास से पूर्वी समुद्र की ओर लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन में कहा गया कि ये मिसाइलें करीब 350 किलोमीटर तक गईं।
जापान की ओर से भी कहा गया कि प्रोजेक्टाइल उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरे और फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं है। इससे साफ है कि घटना गंभीर जरूर है, लेकिन अभी तक सीधे नुकसान या टकराव की खबर सामने नहीं आई है।
जापान ने सुरक्षा के तीन मोर्चों पर फोकस किया
लॉन्च के बाद जापान की तरफ से जो शुरुआती प्रतिक्रिया सामने आई, उसमें तीन चीजों पर सबसे ज्यादा जोर (North Korea Missile Launch) दिया गया तेजी से जानकारी जुटाना, विमान और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए पूरी तैयारी रखना।
यही वजह है कि टोकियो में इमरजेंसी रिस्पॉन्स मोड तुरंत सक्रिय हुआ। जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर भी इस लॉन्च के जवाब में जारी निर्देश दर्ज किए गए, जिससे साफ है कि टोकियो ने इस घटनाक्रम को सामान्य परीक्षण की तरह नहीं, बल्कि सुरक्षा संवेदनशील घटना की तरह लिया।
सैन्य अभ्यास के बीच बढ़ी उकसावे की राजनीति
यह लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता रहा है और अक्सर ऐसे ही समय पर मिसाइल या रॉकेट परीक्षण करके जवाबी ताकत दिखाने की कोशिश करता है। इस बार भी वही पैटर्न नजर आ रहा है। यानी यह लॉन्च सिर्फ तकनीकी परीक्षण नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति-संदेश का हिस्सा भी माना जा रहा है।
फिलहाल नुकसान की खबर नहीं, लेकिन तनाव बना रहेगा
अभी तक की जानकारी के मुताबिक जापान के इलाके या उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में कोई सीधा नुकसान (North Korea Missile Launch) दर्ज नहीं हुआ है। फिर भी इस लॉन्च ने जापान, दक्षिण कोरिया और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को फिर सतर्क कर दिया है।
उत्तर कोरिया की ओर से बार-बार ऐसे प्रक्षेपास्त्र परीक्षण यह दिखाते हैं कि पूर्वी एशिया में सैन्य तनाव किसी भी समय अचानक तेज हो सकता है। आने वाले घंटों में यह साफ होगा कि जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका इस लॉन्च को किस स्तर की प्रतिक्रिया के साथ लेते हैं।



