Nirbhaya scandal : आरोपियों की उड़ी नींद, खाना-पीना भी किया बंद

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Nirbhaya scandal

तिहाड़ जेल में कुछ दिनों में बदला माहौल

चारो आरोपियों को लाया गया है तिहाड़

ननई दिल्ली/नवप्रदेश। दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया कांड (Nirbhaya scandal) को पूरा देश जानता है। इस कांड के चारों आरोपी (four accused) तिहाड़ जेल में बंद है। कुछ दिनों से तिहाड़ जेल (Tihar Jail) का माहौल बदल जाने के बाद आरोपियों में घबराहट, खाना-पीना बंद और नींद उड़ी हुई है।

चारो आरोपियों में से अक्षय नाम के आरोपी ने राष्ट्रपति को अपनी दया याचिका दी है किन्तु अभी तक उस पर कोई फैसला नहीं आया है। फिलहाल तिहाड़ जेल का माहौल कुछ बदल सा गया है। ऐसा लग रहा है कि आरोपियों को फांसी की भनक लग गई है।

चारो आरोपियों ने खाना, पीना और रातों की नींद उड़ गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपियों को 16 या फिर 29 दिसंबर को फांसी पर लटकाया जा सकता है। आपको ज्ञात हो कि 29 दिसंबर वहीं दिन है जिसने पूरे देश को झकझोंर के रख दिया था।

खाना, नींद उड़ी, रात में काटते है चक्कर

चारों आरोपियों को अलग-अलग रखा गया है। तीन दोषीयों को अभी कुछ दिनों पहले ही तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में लागया है जबकि चौथा कैदी पहले से इसी जेल नंबर 4 में रखा है। जेल के माहौल को देखा जाए तो कुछ नजारा बदला बदला सा लग रहा है।

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इनमें चारो आरोपी घबराए हुए, उन्हें रातों में नींद नहीं आ रही ठीक से खाना नहीं खा पा रहे हैं। रात भर बैरक में काटते है चक्कर। जेल प्रशासन के अनुसार आरोपियों को कोई दवाई नहीं दी गई है और उनका रक्तचाप सही चलते रहे इसलिए उन्हें तरल और ठोस भोजन दिया जा रहा है।

बक्सर या पूणे से मंगा सकते है रस्सी

तिहाड़ (Tihar Jail) में हचलच तेज होने के साथ ही जेल प्रशासन के पास फांसी देने वाली रस्सी अभी पांच ही है इसके लिए बक्सर से रस्सी मगांने की योजना बनाई गई जो जल्द ही मंगा लिया जाएगा। तिहाड़ में अभी पांच रस्सी है, अगर चारो आरोपियों को फांसी दी जाती है तो उनके पास रस्सी की कमी आ सकती है इसके लिए पूणे की यरवदा सेंट्रल जेल से भी रस्सी मंगाई जा सकती है।

यूपी से मंगाया जा सकता है जल्लाद

चारो आरोपियों को फांसी पर लटकाने के लिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र या बंगाल से जल्लाद को बुलाया जा सकता है। लेकिन अधिकारी का कहना है कि वैसे तो जल्लाद की आवश्कता नहंी पड़ती लेकिन जरूरत पड़ी तो इन तीन राज्यों से जल्लाद को बुलाया जा सकता है।

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