मुसीबत का सबब बना नेशनल हाईवे

  • राष्ट्रीय राजमार्ग का सडक निर्माण अभी पुरा भी नही हुआ और उखडने लगी सडक

कवर्धा । नेशनल हाईवे national highway  का बनने वाला यह सड़क मुसीबतों का सबब बनते जा रहा है, यहां थोड़ी सी बरसात के बाद ही दुर्घटनाएं तो घटित होती ही हैं साथ ही आसपास के रह वासियों को भी आवागमन के लिए बड़ी दिक्कत स्तिथि उत्पन्न हो रही है,समय अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी अब तक ठेकेदार पर कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई है जिसके चलते यह करोड़ों का सड़क निर्माण कछुए की चाल से चल रहा है,बताया जा रहा है कि इस सड़क निर्माण में आधे अधूरे सड़क निर्माण कर छोड़ दिया गया है,चाहे वह पोंडी का सड़क निर्माण हो का हो या फिर बोड़ला क्षेत्र का तेज बारिश के साथ ही लोगों को समस्याओं का सामना करना ही पड़ता है आवागमन करने वाले यात्रियों को भी इन मुसीबतों से गुजर रहे है ऐसी स्थिति में जल्द कहीं यह सड़क निर्माण पूर्ण नहीं किया गया तो आम लोगों को इन परेशानियों को आए दिन झेलना ही पड़ेगा।

पोंडी से मध्यप्रदेश की सीमा तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग कार्य मे अनदेखी की जा रही है। ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में विलंब किया जा रहा है, वही गुणवत्ताहीनता के कारण सडक अनेक स्थानो पर निर्माण के बाद ही उखड़ रही है। निर्माण में हो रहे विलम्ब के कारण उड रही धुल से पर्यावरण दुषित हो रहा है,वही अधुरे निर्माण के कारण दुर्घटनाओ मै इजाफा हो रहा है।

बोडला से पोंडी मार्ग पर मात्र एक किलोमिटर आगे बन रहा टोल प्लाजा पिछले एक डेढ वर्षो से अधुरा पडा है, जिसके कारण आवागमन परिवर्तित कच्चे मार्ग से हो रहे है, जिसमें  गड्ढो के कारण दो पहिया वाहन दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है। वर्षा होने पर परिवर्तित कच्चा मार्ग कीचड युक्त हो जाता है, जिससे आवागमन में अवरोध बनते रहती है, उसी तरह तहसील कार्यालय से बोड़ला नगर के बाहर तक बनने वाला बाईपास निर्माण एक वर्ष से ज्यादा तक अधुरा है।

वही अधुरे निर्माण के कारण गंभीर दुर्घटना भी संभावित है। सडक निर्माण मे हो रहे गुणवत्ताहीन कार्य के कारण सड़क कई स्थानो पर उखड रही है। सडक निर्माण कार्य मे हो रहे इन अनियमितताओ पर विभागीय अधिकारी एवं अमला सामने दिखने वाली गड़बडियो को नजर अंदाज किया जा रहा है, जिससे करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन सडक जल्द खराब होने की पूरी संभावना है अनियमितताओ के बाद भी निर्माण ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नही किया जाना समझ से परे है।

 

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *