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Natanz Nuclear Attack : नतान्ज़ पर हमला, होर्मुज बंद! जंग के 22वें दिन खतरनाक मोड़-ईरान ने 4000KM दूर बेस को बनाया निशाना

मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब और खतरनाक मोड़ ले चुकी है। 22वें दिन इजरायल और अमेरिका ने ईरान के नतान्ज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर बड़ा हमला (Natanz Nuclear Attack) किया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ईरान का पलटवार: 4000KM दूर तक मार (Natanz Nuclear Attack)

हमले के जवाब में ईरान ने ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इसमें खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल (Natanz Nuclear Attack) किया गया, जिसकी मारक क्षमता 4000 किलोमीटर से ज्यादा मानी जाती है। इस कदम ने साफ संकेत दे दिया है कि अब यह संघर्ष सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर फैल सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट पर टकराव, दुनिया की सांसें अटकीं

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण अब भी बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि यह मार्ग अभी भी बंद रहेगा। दुनिया के तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, ऐसे में इसका बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

ट्रंप का बड़ा बयान, जिम्मेदारी से किनारा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी (Natanz Nuclear Attack) नहीं है, बल्कि जो देश यहां व्यापार करते हैं, उन्हें ही इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उनके इस बयान ने सहयोगी देशों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, कई देशों की प्रतिक्रिया

कतर, जॉर्डन और मिस्र ने दक्षिणी सीरिया में इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ रही है। वहीं, लेबनान में हुए हमलों में कई लोगों के हताहत होने की खबर है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

क्या अब भी रुक सकती है जंग?

22 दिन बीतने के बाद भी इस संघर्ष के खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे। लगातार हमले, जवाबी कार्रवाई और कड़े बयान-ये सब इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

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