मुंगेली जिले में शनिवार देर रात एक युवक की मौत के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण (Mungeli News) हो गया। घटना की खबर फैलते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। लोगों का कहना था कि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद युवक की जान बच सकती थी। इसी नाराजगी के बीच नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन शुरू हो गया।
जरहागांव बस स्टैंड पर जुटे लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
करंट लगने के बाद अस्पताल ले गए परिजन Mungeli News
जानकारी के अनुसार नगर निवासी गोविंद साहू उर्फ गोलू करंट की चपेट में आ गए थे। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए जरहागांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि प्राथमिक उपचार देने के बजाय युवक को सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रास्ते में हुई युवक की मौत
गंभीर हालत में परिजन गोविंद साहू को जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि यदि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर मौजूद रहते और समय पर इलाज शुरू होता तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
आधे घंटे तक नेशनल हाईवे रहा जाम
घटना से नाराज परिजन, स्थानीय नागरिक और भाजपा नेता वेदप्रकाश के नेतृत्व में लोग देर रात जरहागांव बस स्टैंड पहुंचे और नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार (Mungeli News) लग गई। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ये रहीं प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारियों ने घटना के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगें उच्च स्तर तक पहुंचाने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं आया सामने
समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया (Mungeli News) गया था। वहीं बीएमओ डॉ. कमलेश खैरवार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ऐसे में उपचार में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
